नई दिल्ली, पीटीआइ। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने सोमवार को कहा कि भारत और इंग्लैंड के बीच प्रस्तावित बचे हुए एक टेस्ट मैच को सीरीज का पांचवां और निर्णायक मैच माना जाना चाहिए। इस मैच को भारतीय खेमे में कोविड-19 के मामले पाए जाने के बाद रद कर दिया गया था। उन्होंने इस मैच को एकमात्र टेस्ट के रूप में मानने की संभावना से भी इन्कार किया।

दैनिक जागरण ने रविवार को ही लिखा था कि बीसीसीआइ चाहता है कि बचा हुआ टेस्ट मैच भारत के अगले इंग्लैंड दौरे पर खेला जाए और उसी से सीरीज के विजेता का निर्णय हो। गांगुली ने सोमवार को इसकी पुष्टि की।

इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) को पत्र लिखकर रद कर दिए गए मैच के भाग्य पर विवाद समाधान समिति (डीआरसी) के फैसले की मांग की है। आइसीसी ने अभी तक इस मामले में कोई जवाब नहीं दिया है। यह मैच 10 सितंबर से मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में खेला जाना था।

गांगुली ने कहा, 'हम चाहते हैं कि सीरीज पूरी हो जाए क्योंकि यह हमारी इंग्लैंड में 2007 के बाद सीरीज में पहली जीत होगी। बीसीसीआइ का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट वास्तविक प्रारूप है और इससे किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा।'

जब यह मैच रद किया गया था तब भारत सीरीज में 2-1 से आगे चल रहा था। भारतीय टीम ने मुख्य कोच रवि शास्त्री सहित सहयोगी स्टाफ के सदस्यों के कोविड-19 के लिए पाजिटिव पाए जाने के बाद खेलने से इन्कार कर दिया था। यदि इस मैच को 'गंवा दिया' की श्रेणी में रखा जाता है तो इससे ईसीबी को 40 मिलियन पाउंड (करीब 407 करोड़ रुपये) की बीमा राशि मिल सकती है। उसने दावा किया है कि इससे उसे मैच रद किए जाने से होने वाले नुकसान की भरपाई करने में मदद मिलेगी।

गांगुली से यह पूछे जाने पर कि क्या बीसीसीआइ ने अगले साल जुलाई में सीमित ओवरों की सीरीज के दौरान टेस्ट के बदले में दो अतिरिक्त टी-20 मैच खेलने की पेशकश की है, तो उन्होंने कहा, 'हम अतिरिक्त वनडे और टी-20 खेलने के लिए तैयार हैं और यह मुद्दा नहीं है। बस इतना है कि बाद में जो टेस्ट मैच खेला जाएगा वह सीरीज का पांचवां मैच होगा।'

आइसीसी को यदि लगता है कि मैच का आयोजन कोविड-19 के कारण नहीं हो पाया तो फिर भारत आधिकारिक तौर पर 2-1 से सीरीज जीत जाएगा। इस तरह से मैच रद किए जाने को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के कोविड से जुड़े नियमों के अंतर्गत स्वीकार्य माना जाता है।

 

Edited By: Viplove Kumar