नई दिल्ली, जेएनएन। आपको याद होगा कि रवि शास्त्री के कोच बनने के बाद राहुल द्रविड़ को भारतीय क्रिकेट टीम का बैटिंग कंसल्टेंट नियुक्त किया गया था लेकिन उसके बाद उन्हें बिना किसी कारण के हटा दिया गया था, द्रविड़ के साथ जहीर खान को गेंदबाजी सलाहकार बनाया गया था। इसके बाद रवि शास्त्री की आपत्ति के बाद उन दोनों की नियुक्ति नहीं हो पाई थी और इनकी जगह संजय बांगर और भरत अरुण को ये जिम्मेदारी दी गई।

अब सौरव गांगुली ने इंग्लैंड में टीम इंडिया की सीरीज में हार के बाद दोबारा ये मुद्दा उठा दिया है। गांगुली ने कहा कि जब क्रिकेट सलाहकार कमेटी ने राहुल द्रविड़ को चुना था तो उस पर अमल क्यों नहीं किया गया। गांगुली ने कहा कि उन्होंने कमेटी के सभी सदस्य सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण से बात करके ही फैसला किया था। खुद राहुल भी इस बात के लिए तैयार थे लेकिन बाद में पता नहीं कि शास्त्री और द्रविड़ के बीच क्या बात हुई। मुझे ये भी नहीं पता कि क्यों द्रविड़ बैटिंग कंसल्टेंट नहीं बन पाए।

गांगुली ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई प्रशासकों की समिति यानि सीओए के अध्यक्ष विनोद राय पर भी सवाल उठाए, गांगुली ने कहा कि राय ने भी उलझन की स्थिति पैदा कर दी थी। अब शास्त्री को छूट दी गई है तो उनको हार की जिम्मेदारी लेनी होगी 

इससे पहले भी गांगुली ने शास्त्री और बांगर पर निशाना साधा था। गांगुली ने कहा था कि सिर्फ बल्लेबाज को छोड़ बाकी बल्लेबाज क्यों फेल रहे, इसका जवाब संजय बांगर से लेना चाहिए। इसके अलावा मुख्य कोच रवि शास्त्री की भी जवाबदेही होनी चाहिए। भारत के इस महान कप्तान ने कहा कि साल 2011 से भारत ने विदेश में लगभग सारी बड़ी सीरीज हारी है और इसका मुख्य कारण रहा भारत की खराब बल्लेबाजी। 

गांगुली ने भी माना कि भारतीय बल्लेबाजों में आत्मविश्वास की कमी साफ दिख रही है। रहाणे हो या पुजारा हर कोई दबाव में खेल रहा है और इन सभी को जल्द से जल्द अपनी कमी को दूर करना होगा।

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Posted By: Lakshya Sharma