नई दिल्ली, एजेंसी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआइ ने बोर्ड के अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह के कार्यकाल को बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वहीं, मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के एक सदस्य ने दावा किया है कि सौरव गांगुली बीसीसीआइ के अध्यक्ष पद पर बरकरार नहीं रहेंगे, क्योंकि उनका कार्यकाल बीसीसीआइ के मौजूदा संविधान के मुताबिक अगले कुछ महीनों में समाप्त हो रहा है।

मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन यानी एमपीसीए के एक आजीवन सदस्य संजीव गुप्ता ने चुनौती दी है कि सौरव गांगुली बीसीसीआइ के अध्यक्ष नहीं बने रहेंगे। रविवार को सौरव गांगुली और अन्य बीसीसीआइ अधिकारियों को किए गए ईमेल में संजीव गुप्ता ने कहा है कि बीसीसीआइ की नियमपुस्तिका किसी को भी अध्यक्ष के रूप में कार्य करने से मना करती है, क्योंकि उसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) बोर्ड में नामित किया गया है।

ये है पूरा मामला

सौरव गांगुली, 28 मार्च को अपनी बैठक में भाग लेने के तुरंत बाद बीसीसीआइ के प्रतिनिधि के रूप में आइसीसी बोर्ड में शामिल किए गए, जल्द ही आइसीसी अध्यक्ष के रिक्त पद के लिए एक दावेदार के रूप में उभरे हैं। संजीव गुप्ता ने कहा कि बीसीसीआइ संविधान के नियम 14 (9) के अनुसार "यह स्पष्ट है कि जैसे ही आप आइसीसी में नामित होते हैं, बीसीसीआइ अध्यक्ष के रूप में आपका पद स्वतः ही समाप्त हो जाएगा।" 

हालांकि, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआइ के एक अधिकारी ने संजीव गुप्ता के इस दावे और आपत्ति को खारिज कर दिया है। बीसीसीआइ अधिकारी ने कहा है, "यदि कोई पदाधिकारी ICC के लिए निर्वाचित होता है, तो यह खंड लागू होना चाहिए। अन्यथा बीसीसीआइ को एक पदाधिकारी के अलावा किसी और को नामित करने के लिए मजबूर किया जाएगा, जो हास्यास्पद होगा।" वैसे भी बीसीसीआइ खुद गांगुली के कार्यकाल को बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर चुकी है। 

Posted By: Vikash Gaur

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