नई दिल्ली, जेएनएन। Ind vs Aus: भारतीय टीम ने यूं तो ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट सीरीज में 2018-19 में ही हरा दिया था, लेकिन 2020-21 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी काफी खास रही। भारतीय टीम के पास न तो नियमित कप्तान और धाकड़ बल्लेबाज विराट कोहली थे और न ही आखिर में टीम के पास अनुभवी तेज गेंदबाज बचे थे।यहां तक कि भारतीय खिलाड़ियों को लगातार चोट का भी सामना करना पड़ा था। 

हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार मैचों की टेस्ट सीरीज में भारतीय मैनेजमेंट ने जिस-जिस खिलाड़ी को मौका दिया। उस खिलाड़ी ने टीम के लिए शानदार प्रदर्शन करके दिखाया। उन्हीं में एक खिलाड़ी थे शुभमन गिल, जिन्होंने ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन मैचों में 250 से ज्यादा रन बनाए। गिल के पास गाबा के मैदान पर शतक लगाने का मौका था, लेकिन वे इससे चूक गए। 

दाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज शुभगिल को आज भी गाबा में शतक नहीं ठोक पाने का मलाल है। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गाबा के ग्राउंड में कंगारू टीम ने कभी भी भारत के खिलाफ मुकाबला नहीं हारा था, लेकिन भारत ने ये घमंड तोड़ दिया था। इस मैदान पर ऑस्ट्रेलियाई टीम 32 साल से अजेय थी, लेकिन जोश से लबरेज युवा भारतीय टीम ने कंगारू टीम के हौसलों को पस्त कर दिया और सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। 

गाबा टेस्ट में 91 रन पर आउट होने का शुभमन को भी मलाल है। उन्होंने बताया कि वो जिस गेंद पर आउट हुए वो गेंद आउट होने वाली नहीं थी। अगर वो शतक बनाते तो उसके बाद रन आराम से बनते, क्योंकि वहां की परिस्थति बल्लेबाजी के लिए बन चुकी थी। शुभमन ने कहा कि यह सीरीज जीतना पूरी टीम के लिए चुनौती था। जिस तरह से भारतीय टीम पहले टेस्ट में 36 रनों पर आउट हुई थी, उसके बाद वापसी करने के लिए टीम को हर क्षेत्र में अपना सर्वश्रेष्ठ देना था।

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