नई दिल्ली, जेएनएन। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कई पूर्व खिलाड़ी अक्सर राजनीति पर अपने बेतुके बयान देते हैं, लेकिन उन्हीं की टीम के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर इन सभी से अलग हैं। शोएब अख्तर सही को सही और गलत को गलत बताने के लिए जाने जाते हैं। क्रिकेट का मैदान हो या फिर ट्विटर पर चलती उंगलियां उनको खास बनाती हैं। इस बार शोएब अख्तर ने बलूचिस्तान के बच्चों को शिक्षा का योद्धा बताया है, क्योंकि वे बर्फ पर बैठकर पढ़ रहे हैं।

दरअसल, दुनिया में सबसे तेज गेंद फेंकने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाले पाकिस्तानी तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने एक ट्वीट किया है, जिसमें कुछ बच्चे बर्फ पर बैठकर या तो पढ़ाई कर रहे हैं या फिर कोई परीक्षा दे रहे हैं। इन्हीं बच्चों को शोएब अख्तर ने योद्धा बताया है, जबकि सरकार को भी कोसने का जिम्मा उठाया है। इससे पहले भी वे ऐसे कई सवाल सरकार के खिलाफ उठा चुके हैं।

बच्चों को बताया शिक्षा का योद्धा

शोएब अख्तर ने अपने इस ट्वीट में लिखा है, "मैं नहीं जानता कि क्या मुझे इन बच्चों की आस्था को सैल्यूट करना चाहिए या फिर ऐसी स्थिति में इन बच्चों को डालने के लिए अधिकारियों की आलोचना करनी चाहिए। मेरे लिए ये बच्चे शिक्षा के योद्धा हैं।" शोएब अख्तर ने इस ट्वीट में दो हैशटैग भी लगाए हैं, जिनमें एक जियारत है और दूसरा बलूचिस्तान। जियारत बलूचिस्तान की एक वैली है।

इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि ये तस्वीर बलूचिस्तान के जियारत जगह की है जहां इन दिनों जमकर बर्फबारी होती है। इस बात की जानकारी होते हुए भी कि यहां स्नो फॉल होता है तो बलूचिस्तान के शिक्षा अधिकारियों ने स्कूल की छुट्टी क्यों नहीं की? अगर एग्जाम था तो सिर के ऊपर छत क्यों नहीं है? ऐसी स्थिति में अगर कोई बच्चा बीमारा होता है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? शायद यही कुछ सवाल शोएब अख्तर ने उठाने की कोशिश की होगी।

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस