यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'Virat Kohli हैं इस सदी के बेस्ट बैटर...', PAK के पूर्व क्रिकेटर ने दिया बयान, सचिन को लेकर भी कही ये बड़ी बात
पाकिस्तान टीम के तेज गेंदबाज शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) ने हाल ही में भारतीय टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली ...और पढ़ें

HighLights
- शोएब अख्तर ने विराट कोहली को बताया इस सदी का सबसे बेस्ट बैटर
- शोएब अख्तर चाहते हैं कि विराट कोहली 100 शतक जड़े
- भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज 25 जनवरी से खेली जाएगी
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। Shoaib Akhtar on Virat Kohli: पाकिस्तान टीम के तेज गेंदबाज शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) ने हाल ही में भारतीय टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली को इस सदी का बेस्ट बैटर बताया है। बता दें कि भारतीय टीम को अब इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है, जिसका आगाज 25 जनवरी से होना है।
इस बीच पाकिस्तान टीम के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) ने ILT20 के दौरान विराट कोहली की जमकर तारीफ की है। उन्होंनें कहा कि सचिन तेंदुलकर की विराट कोहली से तुलना नहीं की जा सकती हैं।
Shoaib Akhtar ने Virat Kohli की तारीफ में पढ़ें कसीदे
दरअसल, शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) ने कहा कि विराट कोहली (Virat Kohli) इस सदी के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं, लेकिन कोहली को उस दौर में काफी मुश्किल होती, जब सचिन तेंदुलकर के दौर में दुनिया में ग्रेट बॉलर्स की भरपार थी। अख्तर ने कहा कि उस समय, सचिन एक गेंद से खेल रहे थे, जो दुनिया के कुछ सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों के खिलाफ रिवर्स स्विंग करती थी। केवल एक ही घेरा था।
आज के दौर में सचिन खूब रन बनाते। बैटिंग में रिकी पोंटिंग, ब्रायन लारा, इंजमाम भाई जैसे ग्रेट के सामने उस दौर की तुलना इस दौर से नहीं की जा सकती। शेन वॉर्न और वसीम अकरम जैसे घातक गेंदबाज थे। वसीम को खेलना भी आसान बात नहीं थी।
उन्होंने आगे कहा कि कोहली अपने युग के सबसे महान बल्लेबाज हैं। अख्तर ने कहा कि मैं चाहता हूं कि वह 100 शतक बनाएं। कोहली ने सभी प्रारूपों में 80 शतक बनाए हैं, जो तेंदुलकर के रिकॉर्ड (100) से 20 कम हैं।उन्होंने कहा कि उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता था, लेकिन उन्होंने अब तक जितने रन बनाए हैं वह उतने ही रन बना पाते। हमें भी ऐसी ही मार झेलनी पड़ती, लेकिन वसीम अकरम को खेलना आसान नहीं है। दोनों युग की तुलना नहीं की जा सकती है।
