कोलंबो, पीटीआइ। भारत के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज़ के फाइनल से पहले बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन ने एक ऐसा बयान दिया है, जो भारतीय टीम की परेशानी बढ़ा सकता है। शाकिब अल हसन ने आखिरी लीग मुकाबले में मेजबान टीम के खिलाफ भावनाओं में बहकर बुरा बर्ताव करने को लेकर कहा है कि ऐसे मौकों पर उन्हें शांत रहने की जरूरत है। शाकिब का ये बयान फाइनल मुकाबले में भारत पर भारी पड़ सकती है। क्योंकि अगर प्रेशर की स्थिति में खिलाड़ी अपने दिमाग को शांत रखता है तो वो उस स्थिति से काफी आसानी से निपट लेता है, लेकिन अगर वो नाजुक स्थिति में अपने दिमाग को शांत नहीं रख पाता, तो वो गलतियां करता है और उसका फायदा विरोधी टीम उठा लेती है।

शाकिब ने दी ये सफाई 

शाकिब ने कहा कि विवाद के दौरान मैं बल्लेबाजों को मैदान से बाहर नहीं बुला रहा था। मैं उनको खेलने के लिए कह रहा था। आप इसको दोनों तरीकों से देख सकते हैं। यह आप पर निर्भर करता है कि आप इसको किस तरीके से देखते हैं। कई बार ऐसी चीजें घटित हो जाती हैं जो नहीं होनी चाहिए। मैं उत्साह में ज्यादा मस्त हो गया था। मुझे अगली बार यह पता होना चाहिए कि मुझे कैसी प्रतिक्रिया देनी है। मैं इसको लेकर ध्यान रखूंगा। जो भी मैदान पर हुआ वह मैदान से बाहर नहीं आना चाहिए। सच्चे दिल से कहूं तो हम सभी एक अच्छे दोस्त हैं। हम सभी एक दूसरे के साथ बांग्लादेश प्रीमियर लीग और ढाका प्रीमियर लीग में खेलते हैं। दोनों देशों के बोर्ड के बीच अच्छे संबंध हैं। दोनों टीम के खिलाड़ी अच्छे दोस्त हैं।

शाकिब अल हसन से हुई थी ये गलती

शाकिब अल हसन ने बांग्लादेशी की पारी के 19.2 ओवर में आइसीसी के नियमों का उल्लंघन किया था। शाकिब अंपायर के फैसले का विरोध करते हुए बाउंड्री लाइन के पास आ गए थे और फिर उन्होंने अपने खिलाड़ियों को मैदान से बाहर आने का इशारा किया था। उनकी इस गलती के लिए आइसीसी ने बांग्लादेशी कप्तान पर जुर्माना के रुप में 25 फीसदी मैच फीस फाइन और एक डिमेरिट अंक दिया है।

देखिए वीडियो (जब शाकिब ने अपने खिलाड़ियों को मैदान से वापस बुलाया) 

ये था पूरा मामला

श्रीलंका के खिलाफ मैच के आखिरी ओवर में अंपायर के दूसरी गेंदे को नो-बॉल न देने के बाद बांग्लादेशी क्रिकेटर भड़क उठे। मैदानी अंपायर के नो बॉल नहीं देने के फैसले से निराश हुए बांग्लादेशी बल्लेबाज बीच मैदान पर श्रीलंकाई क्षेत्ररक्षकों से भिड़ गए तो पवेलियन में बैठे कप्तान शाकिब अल हसन और उनकी पूरी टीम बाउंड्री लाइन के किनारे आ खड़ी हुई।

शाकिब बाउंड्री लाइन से खड़े होकर अपने बल्लेबाजों महमुदुल्लाह और रुबेल हुसैन को मैच छोड़कर मैदान से बाहर आने के लिए कह रहे थे तो मैदानी अंपायर व श्रीलंकाई खिलाड़ी उन्हें ऐसा नहीं करने के लिए समझा रहे थे। बाउंड्री लाइन के बाहर रिजर्व अंपायर शाकिब को समझा रहे थे। इसके बाद मैच शुरू हुआ और बांग्लादेश की टीम मुकाबले जीत गई, लेकिन इसके बाद भी दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच गहमा-गहमी चलती रही और फिर बांग्लादेशी खिलाड़ियों ने ड्रेसिंग रुम में जाकर तोड़फोड़ कर दी। हालांकि अभी इसकी जांच चल रही है।

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Edited By: Pradeep Sehgal