नई दिल्ली, जेएनएन। पाकिस्तान व इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन मैदान पर जो घटना घटी वो काफी सुर्खियों में है। दरअसल इंग्लैंड दौरे के लिए पाकिस्तान क्रिकेट टीम में पूर्व कप्तान सरफराज अहमद को बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज शामिल किया गया। पहले टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया, लेकिन उन्हें टीम में 12वें खिलाड़ी के तौर पर शामिल किया गया। खेल के दूसरे दिन सरफराज अहमद ने जो किया उसे कुछ लोगों ने खेल भावना करार दिया, लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने इस घटना की निंदा की और टीम मैनेजमेंट व टीम के खिलाड़ियों पर भड़क गए। 

दरअसल पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन पाकिस्तान की पारी के 71वें ओवर में सरफराज अहमद 12वें खिलाड़ी के दौर पर बल्लेबाजों के लिए ड्रिंक्स और जूते ले जाते हुए दिखाई दिए। इस घटना से शोएब अख्तर बिफर गए और उन्होंने टीम के पूर्व कप्तान सरफराज अहमद द्वारा जूते उठवाए जाने की निंदा की। शोएब अख्तर ने कहा कि मुझे ये देखकर बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा। अगर आप उन्हें आदर्श बनाना चाहते हैं तो ये गलत है। एक पूर्व कप्तान जिसने चार साल तक टीम की कप्तानी की और पाकिस्तान को चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब दिलाया आप उसके साथ ऐसा नहीं कर सकते। 

शोएब अख्तर ने कहा कि आपने उन्हें जूते पकड़ने वाला बना दिया है। अगर उन्होंने जूते उठा भी लिए तो खिलाड़ियों को उन्हें रोकना चाहिए था। ये बहुत ही निराश करने वाली घटना है, मैंने तो कभी वसीम अकरम से जूते नहीं उठवाए। इसके बाद उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि सरफराज अहमद कितना कमजोर आदमी है। इस इंसान ने कप्तानी भी ऐसे ही की है। ये बल्लेबाजी भी नहीं करता था और सबसे बड़ी बात ये कि ये अच्छा आदमी है तभी तो लोगों ने इसा फायदा उठाया है। शोएब ने कहा कि जूते ले जाना कोई गलत काम नहीं है, लेकिन टीम का पूर्व कप्तान ऐसा करे तो ये गलत है। अहमद को वनडे वर्ल्ड कप 2019 के बाद कप्तान से हटा दिया गया था और टीम से बाहर भी कर दिया गया था। इंग्लैंड दौरे के लिए उनकी टीम में वापसी हुई। 

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस