नई दिल्ली, प्रेट्र। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का मानना है कि आइपीएल के दौरान कार्यभार प्रबंधन (Workload Management ) को लेकर एक समान ढांचा नहीं हो सकता है, क्योंकि हर खिलाड़ी की जरूरतें अलग-अलग होती हैं।

इस बात को लेकर काफी बहस हो रही है कि विश्व कप खेलने वाले खिलाड़ी आइपीएल में अपने कार्यभार का प्रबंधन कैसे करें। तेंदुलकर ने कहा कि विश्व कप के लिए हर खिलाड़ी की तैयारी अलग होती है, लिहाजा उसका कार्यभार प्रबंधन भी अलग होगा। उन्होंने कप्तान विराट कोहली की बात से सहमति जताई कि हर खिलाड़ी को खुद देखना होगा कि वह कितना कार्यभार ले सकता है और उसकी फॉर्म कैसी है।

लय सबसे अहम

उन्होंने कहा कि लय सबसे अहम है। हर खिलाड़ी को इतना चतुर होना चाहिए कि वह इसका आकलन कर सके कि उसे ब्रेक की जरूरत है या वह खेल सकता है। यह फैसला खिलाड़ी को खुद करना है। तेंदुलकर ने कहा कि एक तेज गेंदबाज के तौर पर जसप्रीत बुमराह का कार्यभार कोहली या महेंद्र सिंह धौनी जैसे बल्लेबाज या विकेटकीपर बल्लेबाज से बिलकुल अलग होगा। इन सभी खिलाड़ियों के पास अपार अनुभव है और वे सही फैसला लेंगे।

भारतीय कप्तान कोहली ने कहा था कि अगर मैं 10, 12 या 15 मैच खेलने में सक्षम हो पाया, तो यह नहीं कहा जा सकता है कि हर खिलाड़ी इतने मैच खेल सकता है। यह मेरे शरीर के ऊपर है कि मैं कितने मुकाबले खेल पाऊंगा और मुझे आराम के मामले में और भी समझदार होना पड़ेगा। किसी का शरीर मेरे से ज्यादा या कम मैच खेलने को लकर सक्षम हो सकता है। यह व्यक्तिगत चीज है और हर कोई विश्व कप खेलना चाहता है। खिलाड़ी इसको लेकर खुद ही समझदार हैं, क्योंकि वह इतने बड़े टूर्नामेंट को छोड़ना नहीं चाहते हैं।

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Posted By: Tanisk