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मुंबई, एजेंसी। टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी और क्रिकेट के भगवान कहे जाने सचिन तेंदुलकर ने बताया है कि टेस्ट क्रिकेट को किस तरह बचाया जा सकता है। टी10, टी20 और वनडे क्रिकेट में लोगों की दिलचस्पी ज्यादा है। यहां तक कि क्रिकेटर भी टेस्ट क्रिकेट को कम ही पसंद करने लगे हैं। इसी को लेकर क्रिकेट के तमाम दिग्गज चिंतित हैं कि किस तरीके से क्रिकेट के इस फॉर्मेट का चार्म लौटाया जा सके।

दुनिया के सबसे ज्यादा टेस्ट मैच(200) खेलने वाले सचिन तेंदुलकर ने कहा है टेस्ट क्रिकेट को देखने योग्य बनाना है तो हमें अच्छी पिचों की जरूरत होगी जो अभी तक इस एशेज सीरीज(इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया) में देखने को मिल रही हैं। इसके अलावा सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि आइसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप से भी क्रिकेट के इस फॉर्मेट को लोकप्रिय बनाए जाने में मदद मिलेगी। 

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सचिन तेंदुलकर ने मुंबई में आयोजित एक इवेंट में कहा, "टेस्ट क्रिकेट को अच्छी पिचों की मदद से बचाया जा सकता है, लेकिन ट्रैक फ्लैट और डेड होने चाहिए। इसके बाद ही टेस्ट क्रिकेट में चैलेंज मिल पाएंगे। मैं जानता हूं कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप से क्रिकेट का ये फॉर्मेट काफी रोचक बन सकता है।" इनसे पहले सौरव गांगुली भी कह चुके हैं कि एशेज सीरीज देखकर लग रहा है कि टेस्ट क्रिकेट बाकी है। 

टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि व्यक्तिगत प्रदर्शन इस फॉर्मेट को दिलचस्प बना सकता है, लेकिन मैच में तभी मजा आता है जब ज्यादा खिलाड़ी प्रदर्शन करें, जिसे दर्शक देखने आएं। सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि अभी हाल ही में इंग्लैंड में वर्ल्ड कप खेला गया है, लेकिन इस समय सब टेस्ट क्रिकेट की बात कर रहे हैं, क्योंकि ये चैलेजिंग और एक्साइटिंग है। 

Posted By: Vikash Gaur

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