सचिन तेंदुलकर का दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद छलका दर्द, पिता की सीख याद कर लिखा भावुक मैसेज
दिल्ली में जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर भारत के पूर्व महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने बयान दिया ...और पढ़ें

सचिन तेंदुलकर

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत के पूर्व महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने दिल्ली में जारी छात्र प्रदर्शन को लेकर बयान जारी किया है। उन्होंने छात्रों का समर्थन किया है और उनका कहना है छात्र आज निराशा महसूस कर रहे हैं। गौरतलब है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नीट पेपर लीक मामले में विरोध प्रदर्शन कर रही है। ये प्रदर्शन 20 जुलाई को हिंसक हो गया था।
इसके बाद पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया था और आंसू गैस के गोले दागे थे। नीट पेपर लीक मामले में प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं। इसी को लेकर अब तेंदुलकर का कहना है कि युवाओं को उनकी मेहनत का फल मिलना चाहिए और आगे से ऐसा नहीं होना चाहिए। तेंदुलकर ने ये मैसेज देते हुए अपने दिवंगत पिता को भी याद किया है।
सचिन तेंदुलकर का छलका दर्द
तेंदुलकर ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, "मेरे पिता एक प्रोफेसर थे। वे युवा छात्रों के सलाहकार और मार्गदर्शक थे। उन्होंने शुरू से ही ऐसी बात सिखाई थी कि असफलता ठीक है लेकिन नकल करना सही नहीं है। कभी भी शॉर्टकट नहीं अपनाना चाहिए। समाज में बड़े होने के नाते हमारी जिम्मेदारी है कि हम संस्कृति को सही दिशा में आगे ले जाएं। जो लोग मेहनत के बजाय नतीजों पर अधिक अहमियत देते हैं, वे काबिलियत के बजाय शॉर्टकट को चुनते हैं।"
उन्होंने आगे लिखा, "आज छात्र निराशा महसूस कर रहे हैं क्योंकि उन्हें उनकी मेहनत का फल नहीं मिला है। उनकी निराशा समझ में आती है। हम सभी को मिलकर ये पक्का करना चाहिए कि आगे से ऐसा दोबारा न हो। युवा भारत के सपनों और ऊर्जा से भरा हुआ है। वे हमारी सफलता का आधार हैं। एक समाज के तौर पर, माता-पिता, शिक्षक, दोस्त, रिश्तेदार, स्कूल और एडमिनिस्ट्रेटर सभी की जिम्मेदारी है कि युवा हमेशा उत्साहित और ऊर्जावान रहे।"
— Sachin Tendulkar (@sachin_rt) July 23, 2026
तेंदुलकर को समाधान निकले की उम्मीद
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले तेंदुलकर क उम्मीद है कि इसका समाधान निकलेगा। उन्हें ये भी आशा है कि भविष्य में ऐसा दोबारा कभी नहीं होगा। तेंदुलकर ने लिखा, "हमें एक ऐसा माहौल बनाना चाहिए, जहां पर कड़ी मेहनत करने वालों को सराहा जाना चाहिए। ईमानदारी करने वाले को बढ़ावा मिले और काबिलियत की जीत हो। मुझे यकीन है कि हम सब मिलकर इसका समाधान निकालेंगे। हमारे बच्चों के भविष्य को मजबूत करेंगे और उनकी उम्मीदों को जिंदा रखेंगे। जय हिंद।"
