नई दिल्ली, जेएनएन। क्रिकेटर एस श्रीसंत ने एक चौंकाने वाले खुलासे में बताया है उनके साथ दिल्ली पुलिस ने आतंकियों जैसा सलूक किया था। श्रीसंत को 2013 में आइपीएल में स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों के बाद पुलिस हिरासत में लिया गया था।

श्रीसंत के अलावा इस केस में राजस्थान रॉयल्स के दो और खिलाड़ी अंकित चव्हाण और अजित चंदीला को भी पुलिस की हिरासत में समय गुजारना पड़ा था। पुलिस सूत्रों का कहना था कि श्रीसंत ने गिरफ्तारी के समय शराब पी हुई थी और उन्हें लग रहा था कि उन्हें शराब पीने के लिए पकड़ा जा रहा है।

आपको बता दें कि हाल ही में श्रीसंत ने स्कॉटलैंड लीग में खेलने के लिए बीसीसीआइ से एनओसी मांगी थी, जो उन्हें नहीं मिली। बीसीसीआइ ने श्रीसंत के स्पॉट फिक्सिंग में पकड़े जाने के बाद उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि, 2015 में दिल्ली की अदालत ने श्रीसंत और दो खिलाड़ियों को इन आरोपों से बरी कर दिया था। श्रीसंत अब क्रिकेट की दुनिया में वापसी की कोशिशों में लगे हैं।

श्रीसंत ने अब जाकर बताया है कि उन्होंने उस दिन शराब नहीं पी थी। उन्होंने कहा कि यह पुलिस की बनाई कहानी है। मूल रूप से केरल के खिलाड़ी श्रीसंत ने कहा है, 'पुलिस के पास वॉरंट नहीं था। उन्होंने मुझे सट्टेबाजी के बारे में कुछ भी नहीं बताया। मेरी गिरफ्तारी किसी किडनैपिंग से कम नहीं था। उन्होंने यह कहा कि मुझे पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा है।'

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श्रीसंत ने जेल में दूसरे अपराधियों के साथ बिताए अपने कड़वे अनुभव के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा, '12 दिन बाद मुझे तिहाड़ भेज दिया गया। मैं 450 अपराधियों के साथ बंद रहा। मैं 27 दिन तक जेल में रहा। यह काफी डरावना अनुभव था। पुलिस हवाला और दाऊद इब्राहिम के बारे में बात करती थी। कहती थी कि उसने हम दो खिलाड़ियों के साथ बात की थी। मैं वॉइस टेस्ट में भी पास हो गया था। पुलिस के पास मेरे खिलाफ कुछ नहीं था। मुझे 27 दिन बाद जमानत मिल गई थी।'

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