नई दिल्ली, जेएनएन। रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने शिखर धवन (Shikhar Dhawan) के साथ चैंपियंस ट्रॉफी 2013 से ओपनिंग करना शुरू किया था। इसके बाद से ये दोनों बल्लेबाज उजले गेंद के क्रिकेट में भारत9 Team India) के लिए लगातार ओपनिंग करते आ रहे हैं और दोंनों की गिनती बेहद सफल ओपनर जोड़ी के तौर पर की जाती है। कई वर्षों से लगातार ओपनिंग कर रहे रोहित व धवन एक-दूसरे को अच्छी तरह से जान गए हैं जिसका फायदा इन्हें बल्लेबाजी के दौरान तो होता ही है साथ ही इनका ताल-मेल भी मैदान पर बेहतरीन रहता है। 

मैदान पर दोनों के बीच कितना शानदार तालमेल है इसके बारे में शिखर धवन ने बताया। धवन ने बताया कि वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बल्लेबाजी करते हुए वो अंगूठे में लगे चोट की वजह से दर्द से कराह रहे थे, लेकिन वो रोहित ही थे जिसकी वजह से उन्होंने टीम के लिए शानदार पारी खेली और शतक लगाया साथ ही साथ दर्द से भी जूझने का उन्हें हौसला मिला। 

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धवन ने बताया कि जब मेरे अंगूठे पर चोट लगी तब मैं रोहित के पास गया और उससे कहा कि मैं अब बड़े शॉट नहीं खेल सकता। मैंने रोहित से कहा कि हमने अच्छी शुरुआत दे दी है और अब मुझे पवेलियन वापस लौट जाना चाहिए ताकि अगला बल्लेबाज आकर खेल सके। मेरी इस बात को सुनने के बाद रोहित ने मुझे रुकने को कहा। उन्होंने कहा कि रन आ रहे हैं और ऐसे में तुम्हें रुकना चाहिए। इस वक्त हमारी साझेदारी काफी अच्छी चल रही है और इससे टीम को मदद मिलेगी। इस मैच में धवन ने 117 रन की पारी खेली थी और भारतीय टीम को कंगारू टीम के खिलाफ ओवर में 36 रन से जीत मिली थी। 

धवन ने कहा कि रोहित के कहने के बाद मैं रुक गया और हमने एक बेहतरीन साझेदारी की। यही नहीं अपने टूटे अंगूठे के साथ रोहित के आउट होने के बाद भी मैं नहीं रुका और चार्ज करता रहा। दर्द से राहत के लिए मैंने कुछ पेनकिलर्स लिए और अपना शतक पूरा किया। इस शतक को पूरा करने में रोहित का बड़ा योगदान रहा। उनके शब्दों ने मुझे ऐसी पारी खेलने के लिए प्रेरित किया। 

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Posted By: Sanjay Savern

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