नई दिल्ली, जेएनएन। भारतीय क्रिकेट टीम के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरा काफी सफल रहा। टी20 सीरीज में मिली हार के बाद टीम इंडिया ने वनडे व टेस्ट सीरीज में शानदार जीत दर्ज कर कंगारू टीम को सन्न कर दिया। इन तीनों सीरीज में सबसे रोमांचक टेस्ट सीरीज ही रहा। टेस्ट सीरीज के दौरान टीम इंडिया अपने कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों से रूबरू हुआ जिसमें शुभमन गिल, टी नटराजन, वाशिंगटन सुंदर व मो. सिराज जैसे खिलाड़ी शामिल थे, लेकिन भारतीय कोच रवि शास्त्री ने इन सबमें मोहम्मद सिराज को भारतीय टीम की सबसे बड़ी खोज करार दिया। 

मो. सिराज ने कंगारू टीम के खिलाफ मेलबर्न में टेस्ट डेब्यू किया और तीन टेस्ट मैचों में उन्होंने भारत की तरफ से सबसे ज्यादा 13 विकेट हासिल किए। रवि शास्त्री ने एक ट्वीट के जरिए मो. सिराज को इस दौरे की सबसे बड़ी खोज बताया। उन्होंने लिखा कि, सिराज जिस तरह से आपने विरोधी टीम पर अपनी गेंदबाजी से आक्रमण किया आप इस टूर के सबसे बड़े खोज रहे। सिराज ने अपने पिता के निधन और इसके बाद उन पर जिस तरह से नस्लीय टिप्पणई की गई और वो इन सबसे जिस तरह से लड़े और खुद को संभाला वो कमाल का रहा। 

इस दौरे से पहले मो. सिराज के पिता का निधन हो गया था और इसके बाद बोर्ड ने उन्हें घर वापस जाने को कहा था, लेकिन वो अपने पिता का सपना पूरा करने के लिए ऑस्ट्रेलिया में रुके रहे और उन्हें टेस्ट में डेब्यू करने का मौका मिल गया। वहीं 26 साल के सिराज ने इंडिया टूडे से बात करते हुए कहा कि, ऑस्ट्रेलिया से वापस आने के बाद मैं सबसे पहले अपने पिता के मजार के पर गया और उन्हें नमन किया। इसके बाद में घर आया तब मेरी मां रोने लगी और मैंने उनसे रोने के लिए नहीं कहा। 

सिराज ने बताया कि, ये एक अलग तरह का अनुभव था क्योंकि मैं 6-7 महीनों के बाद घर आया था। मेरी मां हमेशा मेरे लौटने का इंतजार करती हैं और दिन गिनती रहती हैं कि मुझे घर वापस लौटने में कितना वक्त शेष बचा है। वहीं सिराज ने टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली के बारे में कहा कि, उन्होंने हमेशा मुझ पर विश्वास जताया कि मुझमें बड़े लेवल पर अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता है। 

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