नई दिल्ली, जेएनएन। भारतीय क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए चार मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी टेस्ट सीरीज में जिस तरह से बाउंस बैक किया वो आसान नहीं था। भारत के लिए पहला टेस्ट मैच हार जाना और उस मैच में 36 रन पर ऑल आउट होना किसी बड़े सदमे से कम नहीं था। इसके ठीक बाद टीम के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज विराट कोहली भी टीम के साथ नहीं थे, बावजूद  इसके टीम इंडिया ने जिस तरह से वापसी की और तमाम कठिनाइयों पर पार पाते हुए सीरीज में 2-1 से जीत दर्ज की वो काबिलेतारीफ थी। 

भारतीय टीम ने अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में जिस तरह से लगातार दूसरी बार कंगारुओं को उनकी धरती पर दूसरी बार टेस्स सीरीज में हराया इसकी हर किसी ने तारीफ की और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारतीय टीम को इस शानदार कामयाबी पर ट्विटर के माध्यम से बधाई दी थी। अब एक बार फिर से देश के पीएम ने भारतीय टीम की इस सकारात्मक जीत की चर्चा की। 

पीएम नरेंद्र मोदी ने एक वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से तेजपुर यूनिवर्सिटी के छात्रों को संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने बताया कि किस तरह से आप पॉजिटिव माइंडसेट के जरिए जीवन की सबसे बड़ी चुनौतियों पर भी काबू पा सकते हैं। उन्होंने टीम इंडिया का उदाहरण देते हुए कहा कि, भारतीय टीम ने पहले मैच में हार के बाद जिस तरह से फाइट करते हुए कठिन टेस्ट सीरीज में जीत दर्ज की उससे हमें सीख लेने की जरूरत है। टीम इंडिया की ये जीत हम सबसे जीवन के लिए एक बड़ा सबक था। इससे हमें सीखने की जरूरत है कि, किस तरह से हम फाइटबैक करके अपनी कठिनाइयों पर पार पा सकते हैं। 

आपको बता दें कि भारत को एडिलेट टेस्ट मैच में बड़ी हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन टीम इंडिया ने अगले ही मैच में यानी मेलबर्न में मेजबान ऑस्ट्रेलिया को हरा दिया। फिर सिडनी टेस्ट मैच को ड्रॉ कराने में भारतीय टीम सफल रही और आखिरी टेस्ट मैच ब्रिसबेन में जीकर सीरीज में 2-1 से जीत दर्ज करते हुए बड़ी कामयाबी हासिल की। 

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