नई दिल्ली, आइएएनएस। भारत का इंग्लैंड दौरा वक्त से पहले खत्म होने की वजह से काफी विवाद हो चुकी है। दोनों देशों के बीच खेली जाने वाली पांच मैचों की सीरीज का आखिरी मुकाबला कोरोना संकट को ध्यान में रखते हुए रद करने का फैसला लिया गया था। टीम इंडिया के सहायक फीजियो योगेश परमार के कोरोना रिपोर्ट के पाजिटिव आने के बाद इस मैच को भारतीय खिलाड़ियो ने खेलने से मना कर दिया था।

इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर पाल न्यूमैन ने भारतीय कैंप में कोरोना मामला सामने आने के कारण मैनचेस्टर में पांचवां टेस्ट नहीं खेलने को लेकर भारतीय क्रिकेटर, बीसीसीआइ और आइपीएल को निशाने पर लिया। भारत के जूनियर फिजियो योगेश परमार पांचवें टेस्ट के पहले कोरोना पाजिटिव पाए गए थे जिसके कारण मैच नहीं हो पाया था।

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न्यूमैन ने कहा, 'अगर भारत के अधिकांश खिलाड़ी अमीर टूर्नामेंट आइपीएल की शुरुआत के लिए दुबई नहीं जा रहे होते तो पहले दिन खेल को रद नहीं किया जाता। कोई भी भारतीय खिलाड़ी जिसका आइपीएल अनुबंध है वो टेस्ट खेलने का जोखिम नहीं लेता क्योंकि अगर वह पाजिटिव पाया जाता तो उसे इंग्लैंड में 10 दिन और रुकना पड़ता और उसका 19 सितंबर से शुरू हो रहे आइपीएल में खेलना मुश्किल हो जाता। भारत ने इससे हटकर सीरीज का सम्मान नहीं किया और चौथे टेस्ट से पहले कोविड के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करके टेस्ट क्रिकेट का सम्मान नहीं किया।'

उन्होंने लंदन में चौथे टेस्ट से पहले टीम इंडिया के मुख्य कोच रवि शास्त्री के पुस्तक विमोचन कार्यक्रम को भी जिम्मेदार ठहराया। न्यूमैन ने कहा, 'उनके खेमे में इस पूरे प्रकोप की शुरुआत लंदन के एक होटल में कप्तान विराट कोहली और कई खिलाडि़यों और कर्मचारियों के साथ शास्त्री की मौजूदगी से हुई थी, जिसमें ओवल टेस्ट से दो दिन पहले 150 से अधिक लोगों ने भाग लिया था।'

 

Edited By: Viplove Kumar