(जैफ थॉमसन का कॉलम)

शुरुआत से ही मैं एमएस धौनी का बहुत बड़ा प्रशंसक रहा हूं और मुझे विश्वास है कि मौजूदा टीम इंडिया की सफलता का श्रेय उनके नेतृत्व कौशल को जाता है जिसका विराट ने फायदा उठाया। दोनों का एक ही मंत्र रहा, टीम पहले आती है, व्यक्ति बाद में। लेकिन, यह देखकर काफी दुख होता है कि एमएसडी खुद ही अपने विचारों का निरादर कर रहे हैं और एक अलग रास्ते पर चल रहे हैं। यह सच है कि मैंने उनका तब भी समर्थन किया जब सब उनकी इंग्लैंड के खिलाफ धीमी बल्लेबाजी की आलोचना कर रहे थे।

यह भी सच है कि भारत का नेट रन रेट दूसरी टीमों से बेहतर है, क्योंकि कोई भी टीम उन्हें ऑलआउट नहीं कर पाई है और उनके निचले क्रम की परत नहीं खुली है, इसका श्रेय धौनी को ही जाता है। मुझे धौनी की बांग्लादेश के खिलाफ बल्लेबाजी के दृष्टिकोण से निराशा हुई। धौनी की स्वार्थी बल्लेबाजी की वजह से टीम इंडिया 30 रन कम बना पाई। धौनी के पास इतना अनुभव है कि वह जान सकते हैं कि पिच कैसे बर्ताव कर रही है। यह वह धौनी नहीं हैं जिन्हें मैं जानता हूं और मैं इसे स्वीकारता भी हूं कि मैं बहुत ही निराश हूं। भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीम खेल के तीनों हिस्सों में बेहद समान है। अगर भारत से रोहित-विराट और ऑस्ट्रेलिया से वार्नर-फिंच को हटा दिया जाए तो दोनों टीम में बाकी की बल्लेबाजी साधारण है। ख्वाजा और राहुल बहुत ठोस नजर नहीं आ रहे हैं। स्मिथ और धौनी संघर्ष कर रहे हैं क्योंकि दोनों ही पिच पर समय बिताना पसंद करते हैं। मैक्सवेल और हार्दिक उसके करीब हैं जिसके लिए उन्हें जाना जाता है।

दोनों ही टीम का मध्य क्रम धुंधला है क्योंकि सभी बल्लेबाज फॉर्म में नहीं हैं। वहीं, कुलदीप-चहल और जांपा-लियोन अपनी लाइन और लेंथ के कारण संघर्ष कर रहे हैं, जो या तो बहुत छोटी गेंद कर रहे हैं या बहुत ज्यादा लंबी। ऐसे ही कमिंस विकेट लेकर अपने चयन को सार्थक नहीं कर पा रहे हैं। ऐसा ही लक्ष्य का पीछा करते हुए भुवनेश्वर कुमार का हाल है। क्या आपने उन्हें डेथ ओवर में गेंदबाजी करते देखा जब शमी बहुत ज्यादा रन दे रहे थे? भुवनेश्वर बड़े गेंदबाज हैं और इससे फर्क नहीं पड़ता कि शमी बहुत ज्यादा विकेट ले रहे हैं। भुवनेश्वर हमेशा ही शमी से पहले मेरी पसंद होंगे, क्योंकि वह दिमाग के साथ गेंदबाजी करते हैं। यह अच्छा है कि टीम के पास एक दिमाग से सोचने वाला गेंदबाज है और जो बल्लेबाजों क्या करना चाहते हैं यह अच्छे से अंदाजा लगा सकता है। भुवी इसीलिए शमी से बेहतर हैं। मैं बहरनडॉर्फ के प्रदर्शन से खुश हूं जिन्होंने स्टार्क का काम आसान बना दिया है।

Posted By: Sanjay Savern

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