नई दिल्ली, प्रेट्र। टीम में एक खास अनुभवी खिलाड़ी का होना हमेशा फायदेमंद होता है। जरूरी नहीं कि वह टीम का कप्तान हो। लेकिन वह टीम में काफी अनुभव लेकर आता है। सब उसकी सलाह लेते हैं, उसकी सलाह सबसे काम भी आती है। मौजूदा कप्तान भी अपने सीनियर खिलाड़ी से सलाह लेने से गुरेज नहीं करता। मौजूदा टीम में यह भूमिका महेंद्र सिंह धौनी निभा रहे हैं। धौनी के मार्गदर्शन में कई युवा क्रिकेटरों ने अपने हुनर को निखारा। इसमें से एक युवा लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल भी है।

चहल ने कहा कि मैच के दौरान जब भी मैं परेशानी में होता हूं तो धौनी भाई से सलाह लेता हूं। उनकी समझ शानदार है। वह विकेट के पीछे है और गेंदबाज की बॉडी लैंग्वेज देखकर बता सकते हैं कि उसे कुछ दुविधा है या वह कुछ पूछना चाहता है। जब मैं दुविधा में होता हूं तो वह आकर मेरी समस्या का समाधान करते हैं। धौनी सिर्फ मेरी ही नहीं बल्कि अन्य गेंदबाजों की भी मदद करते हैं। हमारा सौभाग्य है कि वह हमारी टीम में हैं। चहल ने हाल ही में समाप्त हुए एशिया कप के सुपर 4 चरण पर पाकिस्तान के खिलाफ हुए मैच के दौरान धौनी से हुई बातचीत का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि मैच के दौरान रोहित शर्मा धौनी भाई से बात कर रहे थे। रोहित मेरे पास आए और मुझे पावरप्ले में गेंदबाजी करने को कहा। मैंने धौनी भाई की ओर देखा और वह दौड़ते हुए मेरे पास आए और स्टंप टू स्टंप गेंदबाजी करने को कहा। मैंने वही किया और इमाम उल हक को आउट कर दिया। धौनी की ही कप्तानी में जिम्बाब्वे के खिलाफ अपने वनडे और टी 20 करियर की शुरआत करने वाले चहल ने कहा कि यह पहला मौका नहीं है जब धौनी ने मेरी मदद की हो। इससे पहले भी कई बार मुझे उनकी वजह से विकेट मिले हैं।

विराट कोहली की कप्तानी पर चहल ने कहा कि विराट महान कप्तान है। मैच के दौरान कई बार जब वह दुविधा में होता हूं तो वह भी धौनी के पास सलाह लेने जाते हैं। टीम को इससे काफी फायदा होता हैं। कई बार गलती करने पर धौनी भाई विकेट के पीछे से चिल्लाते भी हैं। रोहित के स्थानापन्न कप्तान के रूप में एशिया कप जीतने के बाद कई लोगों ने उनके शांत स्वभाव की तारीफ की। लोगों ने उनकी कप्तानी शैली की तुलना धौनी से की। इस पर चहल ने कहा कि तीनों (धौनी, विराट और रोहित) की कप्तानी का तरीका अलग है। आप उनकी कप्तानी शैली की तुलना नहीं कर सकते।

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Posted By: Sanjay Savern