यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bengaluru stampede: 'यह हमारी विरासत का हिस्सा', बेंगलुरु भगदड़ पर Mo Bobat का बड़ा बयान, कर दी यह मांग
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के निदेशक मो बोबट ने टीम के आईपीएल 2025 विक्ट्री समारोह के दौरान हुई दुखद भगदड़ ...और पढ़ें

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के निदेशक मो बोबट ने टीम के आईपीएल 2025 विक्ट्री समारोह के दौरान हुई दुखद भगदड़ पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में जो एक खुशी का कार्यक्रम होना था। वह उस समय शोक में बदल गया जब ग्यारह फैंस की जान चली गई। कई अन्य घायल हो गए।
आरसीबी ने तुरंत मदद की पेशकश की और प्रत्येक मृतक परिवार के लिए 10 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की। फ्रेंचाइजी ने घायल फैंस की मदद और चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए 'आरसीबी केयर्स' फंड भी शुरू किया। ये कदम यह दिखाने के लिए उठाए गए कि क्लब दुख की इस घड़ी में अपने समर्थकों के साथ मजबूती से खड़ा है।
वे हमारी विरासत का हिस्सा
बोबाट ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई वे हमारी विरासत और इतिहास का हिस्सा बन गए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी कहानियां अब टीम की विरासत का हिस्सा रहेंगी और उनका हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए।
जान गंवाना दुखद
क्रिकबज से बात करते हुए कहा क्रिकेट और आईपीएल जुनून और आनंद का प्रतीक है और हमारे सबसे बड़े प्रेरकों में से एक हमारे प्रशंसक हैं। हमने प्रतियोगिता के दौरान कहा था कि हम इसे अपने प्रशंसकों के लिए जीतना चाहते हैं। वे धैर्यवान रहे हैं। हममें से कुछ नए हैं। इन प्रशंसकों ने 18 साल इंतजार किया, उनमें से कुछ का अपनी जान गंवाना बेहद दुखद है।
हमें उनका सम्मान करना चाहिए
बोबट ने आगे कहा, हम उन लोगों और उनके परिवारों को पहचानने के लिए उत्सुक हैं। उनकी कहानियां अब हमारे इतिहास का हिस्सा बन गई हैं। हर खेल टीम का एक इतिहास होता है, और उसकी एक विरासत होती है। उन्होंने जो अनुभव किया है, वह हमारी विरासत और इतिहास का हिस्सा बन जाता है, और हमें उनका सम्मान करना चाहिए।
छिन गई मेजबानी
गौरतलब हो कि भगदड़ के बाद गठित न्यायिक आयोग की रिपोर्ट के बाद चिन्नास्वामी स्टेडियम को 2025 महिला विश्व कप के आयोजन स्थल से हटा दिया गया है। साथ ही कर्नाटका में बिना अनुमति के भीड़ इकट्ठा करने पर सख्त कार्रवाई का नियम बनाया गया है।
