नई दिल्ली, प्रेट्र। लुंगी नगिदी (Lungi Ngidi) जानते हैं कि उनका बचपन गरीबी में बीता है, लेकिन खुश है कि क्रिकेट मैदान पर प्रतिभा और कौशल के सामने सामाजिक या आर्थिक असमानता का कोई मायने नहीं रखती। दक्षिण अफ्रीका के इस 23 वर्षीय तेज गेंदबाज ने गरीबी को करीब से देखा है, लेकिन यह राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिए आड़े नहीं आई।

नगिदी ने कहा, 'मुझे बचपन से ही पता था कि मेरे माता-पिता अन्य परिवारों की तरह अमीर नहीं है। मैंने उन पर चीजों के लिए दबाव नहीं बनाया जो उनके साम‌र्थ्य से बाहर थी। शुरू में मुझे संघर्ष करना पड़ा, लेकिन कई लोग थे जिन्होंने मेरी मदद की, लेकिन मेरे माता-पिता क्रिकेट की किट्स व अन्य चीजें नहीं खरीद सकते थे।' नगिदी और कगिसो रबादा अश्वेत अफ्रीकी हैं जिनका जन्म रंगभेद की नीति समाप्त होने के बाद हुआ। हालांकि नगिदी से उलट रबादा का परिवार आर्थिक तौर पर मजबूत था। ये दोनों ही आयु वर्ग की क्रिकेट से एक-दूसरे के साथी रहे हैं और अब राष्ट्रीय टीम में हैं। रबादा खुद को स्टार खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर चुके हैं।

नगिदी ने कहा, 'मैं और रबादा स्कूली क्रिकेट में साथ खेले हैं। वहां से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साथ में खेलना शानदार है। हम एक-दूसरे को अच्छी तरह से समझते हैं और इस रिश्ते से मैदान पर चीजें आसान हो जाती हैं। आर्थिक स्थिति हमारी दोस्ती के बीच में कभी नहीं आती। एक बार जब आप क्रिकेट के मैदान पर उतर जाते हो तो सभी समान होते हैं। तब आपकी प्रतिभा मायने रखती हैं। आपको बल्ला या गेंद कैसे पकड़ना है इसमें आपकी आर्थिक स्थिति की कोई भूमिका नहीं होती। मेरे लिए क्रिकेट को चाहने की यह एक वजह रही।'

नगिदी पिछले साल चोट के कारण आइपीएल में नहीं खेल पाए थे। उन्होंने कहा, 'यदि मुझे सीएसके मैदान पर फिर से उतरने का मौका देता है तो मैं फिर से प्रशंसकों के साथ जुड़ सकता हूं। मैंने सीएसके के साथ अच्छा समय बिताया है और उस दौरान कई प्रशंसकों ने मुझे मैसेज भेजे थे। जब उनसे बॉलीवुड की फिल्म चेन्नई एक्सप्रेस का गाना लुंगी डांस के बारे में पूछा तो वह हंसने लगे। उन्होंने कहा, 'मैं इस गाने से परिचित हूं। मैं जब सीएसके लिए खेला तब इसे मैदान पर सुना था। मैंने इस गाने के वीडियो को भी देखा है और गाने में ही शाह रुख को भी देखा।'

 

Posted By: Sanjay Savern

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