बेंगलुरु, जेएनएन। बीसीसीआइ के समारोह में लेक्चर देने आए केविन पीटरसन ने भारतीय क्रिकेट के दिग्गज़ों के सामने ही बीसीसीआइ की नीति पर दबे शब्दों में सवाल उठा दिए। इस समारोह ने इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने टेस्ट क्रिकेट को बचाने के लिए डे-नाइट टेस्ट का समर्थन किया और कहा कि इस प्रारूप को जिंदा रखने का यहीं एकमात्र तरीका है। पहली बार किसी विदेशी क्रिकेटर ने एमएके पटौदी स्मृति व्याख्यान दिया। उन्होंने इस मौके पर कहा, ‘यदि हम पांच दिनों का क्रिकेट बचाना है तो इसे खेलना भी होगा। इस खेल में क्रिकेटरों के पास कई तरह से खुद को साबित करने के मौके रहते हैं। टेस्ट क्रिकेट को बचाना है तो हमें डे-नाइट टेस्ट खेलने की अब जरूरत है।

आपको बता दें कि बीसीसीआइ डे-नाइट टेस्ट खेलने को लेकर सहज नहीं है। इसी वजह से भारतीय टीम ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के दिन रात के टेस्ट मैच के प्रस्ताव को नकार दिया था। बीसीसीआइ ने ये कहकर इस प्रस्ताव को ठुकराया था कि अभी बीसीसीआइ डे-नाइट टेस्ट खेलने को लेकर सहज नहीं है और अब केविन पीटरसन ने बीसीसीआइ के समारोह में आकर डे-नाइट टेस्ट का समर्थन कर दिया। 

पीटरसन ने मंगलवार को छठे एमएके पटौदी मेमोरियल लेक्चर में टेस्ट क्रिकेट को मशहूर करने के सुझाव दिए।इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ने अपनी बात रखते हुए कहा कि दिन-रात प्रारूप, समान वेतन और सस्ते टिकटों के माध्यम से टेस्ट क्रिकेट में लोगों को आकर्षित किया जा सकता है।

पीटरसन इस कार्यक्रम में लेक्चर देने वाले पहले गैर-भारतीय खिलाड़ी बने हैं। उनका मानना है कि टेस्ट क्रिकेट बेहद अहम और जरूरी है, लेकिन खेल के हर प्रारूप में अपना एक अलग महत्व है। उन्होंने कहा, क्रिकेट में लगभग हर देश में हर प्रारूप में खेलने के बाद मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि पांच दिन तक चलने वाला टेस्ट क्रिकेट सभी प्रारूपों से ऊपर है।

उन्होंने टी-20 प्रारूप की भी तारीफ करते हुए कहा, 20-20 रोमांच, उत्साह, तेजी प्रदान करता है। यह फील्डिंग को नए स्तर पर ले गया है और साथ ही बल्लेबाजी को परिभाषित किया है। टेस्ट क्रिकेट की गिरती लोकप्रियता पर पीटरसन ने हालांकि चिंता जताई और इसे उबरने के सुझाव दिए।

उन्होंने कहा, टेस्ट क्रिकेट को बेहतर बनाते हैं। इसे नए रंगों से सजाते हैं। मैदानों को भरते हैं, शाम को खेलते हैं। अपंयारों को माइक देते हैं ताकि वो दर्शकों से बात कर सकें। स्लेजिंग को एक तय दायरे तक अपनाते हैं। दर्शकों से बेहतर संवाद करते हैं। पीटरसन ने सिर्फ तकनीकी तौर पर ही नहीं आर्थिक तौर पर भी टेस्ट क्रिकेट के प्रति सुझाव दिए।

उन्होंने कहा, टेस्ट मैच में बराबर की मार्केटिंग नीति को लाया जाए। टेस्ट चैंपियनशिप की मार्केटिंग करके इसे और बेहतर बनाया जाए। मैदान पर दर्शकों को सस्ते टिकट दिए जाएं।

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By Pradeep Sehgal