नॉटिंघम, जेएनएन। शुरुआती दो टेस्ट में चोटिल होने के कारण नहीं खेल पाए तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने तीसरे टेस्ट की दूसरी पारी में पांच विकेट लिए। उन्होंने अपने इस प्रदर्शन को लेकर कहा कि जब मैंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया, तो मेरा पहला स्पेल 10 ओवर का था। मैं रणजी ट्रॉफी में हमेशा अधिक से अधिक ओवर करता रहा, जिससे मुझे मदद मिली। इसका मुझे आज भी फायदा मिला। जब मैं चोटिल था, तो मैंने अपनी फिटनेस और अभ्यास पर ध्यान दिया। मैं हमेशा अपने ट्रेनर के संपर्क में रहा, ताकि वापसी करने पर मैं अच्छी स्थिति में रहूं। इन सभी से मुझे मदद मिली।

बुमराह ने कहा, ‘आपको कुछ भी आसानी से नहीं मिलता। आपको इसके लिए काम करना होता है। हमने कड़ी मेहनत की। इस कड़ी मेहनत से आपको ऐसे दिनों में सफलता मिलती है। कैमरे से इतर हम जो कड़ी मेहनत करते हैं, ऐसे दिनों में उसका नतीजा देखने को मिलता है। सीमित ओवरों में चीजें भिन्न होती है। वहां आप चतुराई से बल्लेबाज को छकाते हैं और यहां टेस्ट क्रिकेट में संयम और निरंतरता ही सबकुछ है। आज मेरा ध्यान इसी पर था।

मैं हमेशा अच्छी लेंथ से गेंदबाजी करने पर ध्यान देता हूं तथा अच्छी लेंथ से बल्लेबाज को चुनौती देता हूं। आखिर में यह दिन अच्छा रहा। मैं उसके (जो रूट) बल्ले का किनारा लेने में सफल रहा।’ बुमराह ने कहा कि जब भी मैं मैदान पर गेंदबाजी करने उतरता हूं तो कोशिश करता हूं कि भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ दूं।

बुमराह ने नॉटिंघम टेस्ट की दूसरी पारी में बुमराह ने जो रूट, जोस बटलर, जॉनी बेयरस्टो, क्रिस वोक्स और ब्रॉड के विकेट चटकाए थे। ये टेस्ट क्रिकेट में उनका दूसरा पांच विकेट हॉल रहा। इससे पहले वो द. अफ्रीका के खिलाफ खेले गए गए जोहानिसबर्ग टेस्ट में भी पांच विकेट चटका चुके हैं।

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Posted By: Pradeep Sehgal