लंदन, पीटीआइ। चोट के कारण दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर चल रहे भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की जिंदगी में एक ऐसा वक्त भी आया जब उन्हें एक जोड़ी जूते तक खरीदने के लिए संघर्ष करना पड़ता था। खुद आइसीसी वनडे रैंकिंग में नंबर वन गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने अपने संघर्ष की कहानी साझा की।

जसप्रीत बुमराह ने बताया कि एक वक्त ऐसा भी था जब उनके पास सिर्फ एक टी-शर्ट और एक जोड़ी जूते हुआ करते थे। भारतीय टीम के स्टार तेज गेंदबाज बनने से पहले इस गेंदबाज ने काफी संघर्ष किया है। वह सिर्फ पांच साल के थे जब उनके पिता का देहांत हो गया था और उसके बाद उनके परिवार को आर्थिक रूप से भी काफी दिक्कतें झेलनी पड़ीं।

वह फिलहाल लंदन में अपनी चोट का इलाज करवा रहे हैं। उनकी मां दलजीत बुमराह ने भी संघर्ष के उन दिनों को याद किया है। मुंबई इंडियंस ने बुधवार को अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें बुमराह के संघर्ष की कहानी बयां की गई है। इस वीडियो में उनकी मां कहती हैं, 'यह (जसप्रीत) पांच साल का था जब मेरे पति का देहांत हो गया था।'

इसके बाद बुमराह कहते हैं, 'इसके बाद हमें कुछ भी खरीदने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ता था। मेरे पास एक जोड़ी जूते और टी-शर्ट हुआ करते थे। मुझे उस टी-शर्ट को रोज धोना पड़ता था। बचपन में आप सुना करते थे कि एक दिन लोग आपको देखने आएंगे और आपको चुन लिया जाएगा। मेरे साथ सच में ऐसा हुआ।' बुमराह को मुंबई इंडियंस के टैलंट स्काउट में जॉन राइट ने चुना था। राइट ने उन्हें सैयद मुश्ताक अली टूर्नामेंट में खेलते देखा था और उसके बाद उन्हें 2013 में मुंबई इंडियंस के लिए इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने का मौका मिला।

दलजीत कहती हैं, 'जब मैंने पहली बार जसप्रीत को आइपीएल खेलते हुए टीवी पर देखा, मैं अपने आंसू नहीं रोक पाई। इसने मुझे आर्थिक और शारीरिक रूप से संघर्ष करते हुए देखा है।' वहीं, रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने टीम इंडिया के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बताया।

Posted By: Vikash Gaur

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