Duleep Trophy 2026: 'मैं एक अच्छा कप्तान हूं', खिताब जीतने के बाद Ishan Kishan ने सेलेक्टर्स को दिया करारा जवाब
ईशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी 2026 का खिताब अपने नाम किया। फाइनल जीतने के बाद ...और पढ़ें

ईशान किशन

समय कम है?
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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। ईशान किशन को एक समय पर भारतीय टीम से ड्रॉप कर दिया गया था और राष्ट्रीय टीम के प्लान में वे दूर-दूर तक नहीं थे। हालांकि, किशन ने अपने खेल और लगातार अच्छे प्रदर्शन से उन्हें चुनने के लिए सेलेक्टर्स को मजबूर कर दिया। किशन ने पहले झारखंड को सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी का चैंपियन बनाया और अब दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन को जीत दिलाई।
एमए. चिदंबरम स्टेडियम में साउथ जोन के खिलाफ खेले गए मैच को ईस्ट जोन ने ड्रॉ किया। किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन बनाए थे और पहली पारी में बढ़त के आधार पर ईस्ट जोन को विजेता घोषित किया गया। टीम को चैंपियन बनाने के बाद किशन ने उस दौर पर बात की, जहां उन्हें टीम इंडिया से ड्रॉप कर दिया गया था। किशन ने अपना राज खोला है कि वे मुश्किल दौर से खुद को बाहर निकालने में कैसे कामयाब रहे।
ईशान किशन ने की टीम की तारीफ
ईस्ट जोन को चैंपियन बनाने के बाद पोस्ट मैच प्रजेंटेशन में किशन ने अपनी टीम की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, "हमने एक ग्रुप के रूप में ट्रॉफी जीती है। मुझे लगता है कि हर कोई एक-दूसरे का ख्याल रख रहा था, जो मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण था। मुझे लगता है कि मैं एक अच्छा कप्तान हूं लेकिन ये सफर यहीं पर खत्म नहीं होता है। आपको हर डिपार्टमेंट में बेहतर होते रहना होगा, चाहे फील्डिंग हो या फिर कुछ और गलतियां हों।"
भारतीय टीम से बाहर होने के बाद उन्होंने कैसे वापसी की और खुद को संभाला, इसको लेकर बात की है। किशन का कहना है कि वे बस शांत रहने और खेल पर अधिक ध्यान देने पर जोर दिया। विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा, "मुझे लगता है कि ब्रेक के बाद शांत रहने, खेल पर ध्यान देने और खेल के प्रति अपनी जागरूकता को बढ़ाने की कोशिश की। आपको बस एक-दूसरे का ख्याल रखना होता है ताकि वे उस स्थिति में न पहुंचे जहां पर मैं था। मैं बस सबकी मदद करने की कोशिश कर रहा था।"
ईस्ट जोन ने जीती ट्रॉफी
दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन ने पहली पारी में ही कप्तान किशन के 270 रनों की बदौलत 708 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर लिया था। इसके बाद साउथ जोन 336 रनों पर सिमट गई। दूसरी पारी में भी ईस्ट जोन ने 7 विकेट के नुकसान पर 388 रन बना लिए थे और फिर मैच को ड्रॉ पर समाप्त कर दिया गया। पहली पारी में बढ़त के आधार पर ईस्ट जोन को विजेता घोषित कर दिया गया।
