[सुनील गावस्कर का कॉलम] हैदराबाद और कोलकाता को रविवार को एक-दूसरे के बीच होने वाले मुकाबले में हर हाल में जीत की जरूरत है। दोनों टीमें जीत की मंजिल तक पहुंचकर मैच हारी हैं। इसके चलते अगला मैच जीतना मुश्किल हो जाता है। वो इसलिए क्योंकि जब भी टीम जीत के करीब होती है तो दिमाग में संदेह के बादल घर करने लगते हैं। और फिर यहीं से मुश्किलें शुरू हो जाती हैं। क्रिकेट काफी हद तक दिमागी खेल है और छोटे प्रारूप में तो आपको सांस लेने और कमियां दुरुस्त करने का भी वक्त नहीं मिलता।

कोलकाता ने टूर्नामेंट के बीच में ही कप्तानी में बदलाव किया है और नए कप्तान के लिए ये हालात कभी भी आसान नहीं होते। हालांकि अन्य टीमों द्वारा ऐसे कदम पहले भी उठाए जा चुके हैं, लेकिन रिकी पोंटिंग से रोहित शर्मा को कप्तानी सौंपे जाने के अलावा एक भी ऐसा कदम पूरी तरह सही साबित नहीं हुआ है। इयोन मोर्गन प्रेरणादायी कप्तान हैं मगर हम सभी जानते हैं कि कप्तान उतना ही अच्छा होता है, जितनी अच्छी उसकी टीम।

कोलकाता को वैसी शुरुआत नहीं मिल रही है जैसी कि सुनील नरेन दिलाया करते थे क्योंकि अब विपक्षी गेंदबाजों ने उनके कंधे को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। बेशक शुभमन गिल छोटी आक्रामक पारियां खेल रहे हैं, लेकिन उनके आउट होते ही नए बल्लेबाज को क्रीज पर उतरना पड़ता है और रन बनाने की गति धीमी हो जाती है।

राणा और दिनेश कार्तिक उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं जबकि मॉर्गन भी अभी तक फिनिशर का काम करने में असफल रहे हैं। टीम को आंद्रे रसेल से ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की जरूरत है और इस मामले में रसेल यूनिवर्स बॉस क्रिस गेल की बेंगलुरु के खिलाफ शानदार वापसी से प्रेरणा ले सकते हैं। वहीं, हैदराबाद की टीम भी बड़ा स्कोर करने के लिए काफी हद तक अच्छी शुरुआत पर जरूरत से ज्यादा निर्भर है।

वॉर्नर और बेयरस्टो अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं, लेकिन उतने विध्वंसक नहीं हैं, जितने की पिछले साल थे। राशिद खान का प्रदर्शन बढि़या रहा है, लेकिन राजस्थान के खिलाफ उन्होंने काफी रन लुटाए थे और ये बात उनके दिमाग में होगी, जिसका असर उनके प्रदर्शन पर पड़ सकता है। फिलहाल तो मुंबई की टीम को रोकना नामुमकिन लग रहा है।

इस टीम के पास हर जगह के लिए मुफीद खिलाड़ी है और एक शानदार कप्तान भी मगर जो बात अहम है वो ये कि टीम की बेंच स्ट्रेंथ काफी मजबूत है इसलिए जो खिलाड़ी अंतिम एकादश में हैं वो अपने स्थान को हल्के में लेने की भूल नहीं कर सकते। देखना दिलचस्प होगा कि मुंबई का गेंदबाजी आक्रमण लय में चल रहे केएल राहुल, मयंक अग्रवाल और क्रिस गेल के खिलाफ किस तरह का प्रदर्शन करता है। अगर बुमराह और बोल्ट पावरप्ले के भीतर तीन विकेट निकाल देते हैं तो फिर मुंबई की एक और जीत तय हो सकती है। ये एक ऐसा रविवार होने जा रहा है, जिसका इंतजार करना मुश्किल है। 

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस