ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ उनके घर में सीमित प्रारूपों की सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करने वाले कुलदीप यादव की नजरें आइपीएल और विश्व कप पर नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू होने वाली वनडे सीरीज पर है। उन्होंने हालिया ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरे पर मिली सफलता के पीछे की वजह गेंद को ज्यादा से ज्यादा टर्न कराने को बताया। कुलदीप से आगामी सीरीज सहित कई अन्य मुद्दों पर अभिषेक त्रिपाठी ने खास बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश :

-अभी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज है फिर इसके बाद आइपीएल और विश्व कप है। कैसी तैयारियां हैं?

-आने वाला समय मेरे लिए काफी महत्वपूर्ण रहेगा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बड़ी सीरीज है। अभी मेरा इस पर पूरा ध्यान है। फिर इसके बाद आइपीएल और विश्व कप है। अभी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के बारे में सोच रहा हूं और इसके बारे में योजना बना रहा हूं। आइपीएल और विश्व कप के लिए योजना बाद में बनाएंगे।

-रवि शास्त्री ने कहा कि विदेशों में स्पिन की बात करें तो आप उनके सबसे मुख्य हथियार होंगे। टीम प्रबंधन का आत्मविश्वास आप पर जिस तरह बना है, उसे कैसे देखते हैं?

-यह अच्छी चीज है कि अगर आप अच्छा प्रदर्शन करते रहेंगे तो टीम प्रबंधन आपके ऊपर अपना भरोसा दिखा रहा है। यह एक सकारात्मक पहलू है और इसे मैं सकारात्मक रूप में ही लेता हूं। दूसरे खिलाड़ी भी बहुत अच्छे हैं। ऐश (रविचंद्रन अश्विन) और जड्डू (रवींद्र जडेजा) भाई भी बहुत अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं। मेरी मैदान पर काफी मदद करते हैं। यह एक अच्छा संकेत है और मैं इसे इसी रूप में ले रहा हूं।

-आप और युजवेंद्रा ने ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में वनडे व टी-20 में अच्छा किया। वहां की पिचों पर और स्पिनरों ने ऐसा कमाल नहीं किया है जो आप दोनों ने किया। क्या दोनों टीमों के बल्लेबाज आप दोनों को आसानी से नहीं खेल पाए?

-अगर आप अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं। गेंद को स्पिन व टर्न करा रहे हैं और बल्लेबाज को परेशान कर रहे हैं तो आप भारत या कहीं भी खेलें इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बल्लेबाज को परेशानी होगी और वे आपकी गेंदों में फंसेंगे तो आपको विकेट मिलेगा ही और यहीं हमने किया। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में गेंद को हवा में रखा और गेंद को टर्न कराने पर ज्यादा ध्यान दिया।

- क्या ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की पिचों पर भी स्पिनरों को मदद मिलने लगी है?

- मैं ऐसा नहीं कहा सकता क्योंकि कई खिलाड़ी बहुत पहले से वहां खेले हैं। विकेट अब बल्लेबाजों के लिए और अच्छे हो गए हैं। जो भी अच्छे स्पिनर रहे हैं, उन्होंने वहां अच्छा प्रदर्शन किया है। मैंने वहां गेंद को स्पिन कराने के बारे में सोचा। अगर वहां बल्लेबाजी विकेट है तो ऐसा नहीं है कि स्पिनर का गेम खत्म हो गया। अगर वहां गेंद को टर्न कराया जाए तो वहां भी सफलता मिल सकती है।

- क्या ऑस्ट्रेलिया में शेन वार्न की मदद से आपको फायदा मिला?

- हां, मैं काफी समय तक उनके साथ था। रवि भाई और भरत सर ने मुझे वार्न से मिलवाया था। मैं काफी समय तक उनके साथ था। उनसे मुलाकात होती रहती थी। वार्न ने पूरे दौरे में मेरी काफी मदद की और काफी बातें की। जैसा उनका स्टाइल है वैसा मेरा भी गेंदबाजी स्टाइल है। मैंने हमेशा उनका अनुसरण किया है। उनकी सलाह के बाद वहां की परिस्थितियों को समझना आसान था क्योंकि लगभग हमारा गेंदबाजी स्टाइल एक जैसा ही है। उन्होंने गेंदबाजी में काफी मदद की।

-इस साल आपका इंग्लैंड दौरा ज्यादा अच्छा नहीं रहा था और एक टेस्ट खेलने के बाद आप वापस देश लौट गए थे? इस साल वहीं पर विश्व कप है?

- लाल और सफेद गेंद के क्रिकेट में बहुत अंतर है। जब मैं वहां लाल गेंद से खेला था तो गेंदबाजी करना बहुत अलग था। वहां वनडे क्रिकेट में मेरे लिए गेंदबाजी करना बहुत आसान है। मुझे लगता है कि वहां की परिस्थितियां विश्व कप में लगभग वही होंगी। मैंने कभी परिस्थितियां पर ध्यान नहीं दिया। मैं हर जगह खेला हूं तो मैंने कभी सोचा नहीं कैसी परिस्थितियां होंगी या कैसी पिच होगी। वहां पर विश्व कप है तो गर्मी रहेगी ही और पिच सूखी रहेंगी तो स्पिनर को मदद मिल सकती है।

- युजवेंद्रा सिंह चहल के बारे में क्या कहेंगे, उनके और आपके तालमेल के बारे में हर जगह बात हो रही है?

- यह सही बात है। जब से हमने साथ खेलना शुरू किया और तभी से वैसा ही प्रदर्शन किया जैसी हमसे उम्मीद की जाती है। हम दोनों एक-दूसरे को समझते हैं। वनडे क्रिकेट में बीच के ओवर बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। 20-40 ओवरों के बीच में तीन से चार विकेट निकलते हैं तो मैच फंस जाता है तब इतना लंबा स्कोर नहीं बनता है और फिर हमारी कोशिश रहती है कि इन ओवरों में विकेट निकाले जाएं।

-भारत दौरे पर पहुंची ऑस्ट्रेलियाई टीम के बारे में क्या कहेंगे आप?

-ऑस्ट्रेलिया एक अच्छी और संतुलित टीम है। काफी अच्छे बल्लेबाज उनके पास हैं। मेरे पास उनके खिलाफ खेलना का अच्छा मौका रहेगा और इस सीरीज को एक चुनौती की तरह ले रहा हूं और मेरा अपने प्रदर्शन पर ध्यान है।

- आपका विश्व कप की टीम में स्थान लगभग पक्का माना जा रहा है। अपा पहली बार इस टूर्नामेंट में खेलेंगे। क्या कभी ऐसा सोचा था?

- कभी ऐसा सोचा नहीं था कि मुझे कभी विश्व कप खेलना है। विश्व कप में टीम का हिस्सा रहूंगा तो बहुत खुशी की बात होगी और अगर यह खिताब जीत जाते हैं तो और भी ज्यादा खुश हो जाऊंगा। अगर विश्व कप जीत जाते हैं तो हमेशा खुशी रहेगी कि देश के लिए कुछ किया और यही मेरी सोच है और इसके साथ ही मैं विश्व कप में जाऊंगा।

Posted By: Sanjay Savern

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