नई दिल्ली, जेएनएन। पृथ्वी शॉ की कप्तानी में इंडिया अंडर19 टीम ने रिकॉर्ड चौथी बार अंडर19 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। इस पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारतीय टीम अपराजेय रही और फाइनल में तीन बार विश्व कप जीत चुकी ऑस्ट्रेलियाई टीम को हराकर खिताब जीता। मो. कैफ, विराट कोहली और उनमुक्त चंद के बाद अंडर19 विश्व कप में अपने देश को खिताब दिलाने वाले पृथ्वी शॉ चौथे कप्तान बने। पृथ्वी जैसी बल्लेबाजी करते हैं उसके बाद भारतीय टीम में उनकी जगह बनती भी है और खुद उनका कहना भी है कि वो भारतीय टीम में खेलने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उनका कहना है कि मुझे लगातार रन बनाते रहना होगा साथ ही मुझे सीनियर टीम में जगह बनाने के लिए मिले मौके को भुनाना होगा।

पृथ्वी शॉ अंडर19 विश्व कप खेलने से पहले मुंबई के लिए फर्स्ट क्लास और लिस्ट ए मैचों में डेब्यू कर चुके थे। वर्ष 2016-17 के रणजी सीजन में पृथ्वी ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और अपनी बल्लेबाजी से खूब प्रभावित किया। रणजी के पिछले सीजन में उन्होंने सिर्फ 3 मैचों में 424 रन बनाए जबकि इस सीजन में खेले अपने 6 मैचों में उनके बल्ले से 537 रन निकले थे। इससे पहले पृथ्वी ने वर्ष 2013 में स्कूल क्रिकेट में 330 गेंदों पर 546 रन की पारी खेलकर सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा था। 

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद का कहना है कि उन्होंने और उनकी टीम ने पृथ्वी और अन्य खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखा है। इसके बाद उन्हें सीनियर टीम में मौका दिए जाने से पहले इंडिया ए के लिए खेलने का मौका दिया जाएगा। फिलहाल पृथ्वी मुंबई के लिए विजय हजारे ट्रॉफी में खेल रहे हैं जहां उन्होंने तमिलनाडु के खिलाफ सिर्फ 9 रन बनाए थे। इसके बाद राजस्थान के लिए खेलते हुए उन्होंने शानदार अर्धशतक लगाया। उन्होंने 54 गेंदों में 7 चौकों की मदद से 52 रन की पारी खेली। 

हालांकि पृथ्वी शॉ के कोच ज्वाला एस ने कहा था कि पहले उन्हें खुद को घरेलू मैचों में ज्यादा से ज्यादा खेलकर खुद को और परिपक्व बनाने की जरूरत है। अगर वो लगातार रन बनाते रहेंगे तो वो खुद ब खुद चयनकर्ता उन्हें भारतीय टीम में खेलने का मौका दे देंगे।  

क्रिकेट की खबरों के लिए यहां क्लिक करें

खेल की खबरों के लिए यहां क्लिक करें

Posted By: Sanjay Savern