(मोहिंदर अमरनाथ का कॉलम)

जैसे-जैसे यह साल खत्म होने के नजदीक है, ऐसे में भारतीय क्रिकेटर और प्रशंसक अपनी राष्ट्रीय टीम के प्रदर्शन से संतुष्ट होंगे जिस तरह से टीम ने पूरे साल और दुनिया में प्रदर्शन किया है। टीम ने सभी विभागों में अच्छी प्रतिभा के साथ खुद को स्थापित किया है। बेंच स्ट्रेंथ जबरदस्त है और घरेलू क्रिकेट में भी कई होनहार खिलाड़ी हैं। इन हालात में किसी को भी घरेलू क्रिकेट खेले बिना राष्ट्रीय टीम में अपने चयन के बारे में नहीं होना चाहिए। विश्व में ऐसा कोई खिलाड़ी नहीं है जो टीम को बताने में सक्षम हो कि वह अपने मैचों को चुनना चाहता है। खासकर भारत में सैकड़ों क्रिकेटर हैं जो घरेलू क्रिकेट में मेहनत कर रहे हैं। रिद्धिमान साहा, रिषभ पंत और संजू सैमसन सभी बहुत सक्षम हैं और उन्हें आगे बढ़ने के लिए जोर लगाना चाहिए।

वेस्टइंडीज के खिलाफ शुक्रवार से भारत तीन मैचों की टी-20 सीरीज का आगाज करेगा। इस प्रारूप में वेस्टइंडीज मजबूत टीम है, लेकिन वह अभी आंद्रे रसेल जैसे विस्फोटक खिलाडि़यों के बिना खेल रही है। इस प्रारूप में मैच का नतीजा चौंकाने वाला होता है और एक खिलाड़ी ही अपने प्रदर्शन से मैच का नतीजा बदल सकता है, इसलिए वेस्टइंडीज बहुत अधिक दावेदार है।

मेरी एकमात्र चिंता चोटिल जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या के लिए है। कमर की चोट के बाद वापसी करना एक गेंदबाज के लिए मुश्किल होता है। यह चोट अतिरिक्त गति प्राप्त करने के चक्कर में लग जाती है। वह दोनों टीमों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं और मुझे उम्मीद है कि वह जल्द ही ठीक हो जाएंगे।

अपनी बात खत्म करने से पहले मैं बॉब विलिस के बारे में कहना चाहूंगा। वह सज्जन इंसान थे। वह मैदान के बाहर भी मिलनसार व्यक्ति थे। मैं उनके खिलाफ मैच में खेला था। उनके तेज गेंदबाजी रन-अप को उनके प्रशंसक हमेशा याद रखेंगे। आपकी आत्मा को शांति मिले, मेरे दोस्त।

Posted By: Sanjay Savern

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