कोलकाता, आइएएनएस। India vs Bangladesh Pink ball test match: भारत के पहले एतिहासिक डे-नाइट टेस्ट मैच का हिस्सा बनने जा रहे टीम के विकेटकीपर रिद्धिमान साहा (Saha) ने कहा है कि दिन-रात के टेस्ट मैच में गुलाबी गेंद के विकेटकीपिंग करना बेहद चुनौती भरा होगा। भारतीय क्रिकेट टीम कोलकाता में शुक्रवार से अपना पहले डे-नाइट टेस्ट मैच बांग्लादेश के खिलाफ खेलेगी। इस टेस्ट मैच में पहली बार एसजी द्वारा अपने देश में तैयार किए गए पिंक गेंद का इस्तेमाल किया जाएगा। 

रिद्धिमान साहा ने कहा कि गुलाबी गेंद को पकड़ना आसान नहीं है। अगर स्लिप में खड़े फील्डर के लिए इसे पकड़ना चुनौतीपूर्ण है तो मैं भी स्पिल के बगल में ही विकेट के पीछे खड़ा होता हूं। यही नहीं जब तेज गेंदबाज इसे फेंकते हैं तो ये लहराती है। इसे पकड़ने में ये एक फैक्टर हो सकता है, लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं। हम पेशेवर खिलाड़ी हैं और इस तरह की चुनौतियों का हमें सामना करना पड़ता है। 

भारतीय खिलाड़ियों में रिद्धिमान साहा और मो. शमी को ही घरेलू क्रिकेट में दिन-रात मैच खेलने का अनुभव है। ये दोनों खिलाड़ी साल 2016 में ईडन गार्ड्ंस में सीएबी के सुपर लीग फाइनल में दिन-रात का क्रिकेट पिंक गेंद से खेल चुके हैं। साहा ने कहा कि गुलाबी गेंद को पकड़ते समय ज्यादा चुनौती होती है। हमें इसमें तालमेल बिठाना होगा। गेंद नई है और ये तेज गेंदबाजों के लिए मददगार साबित हो सकती है। इस गेंद के सामने बल्लेबाजी करना बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती होगी। 

साहा से पूछा गया कि भारतीय टीम के तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा, उमेश यादव और मोहम्मद शमी को इस गेंद से कितनी मदद मिलेगी इस पर उन्होंने कहा कि गेंद गुलाबी हो या लाल उनके लिए वैसा ही रहेगा। शमी ने पिछले मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है और वो किसी भी कंडीशन में अच्छी गेंदबाजी कर सकते हैं। वो गति के साथ-साथ रिवर्स स्विंग भी हासिल कर लेते हैं। भारतीय तेज गेंदबाज इन दिनों काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और ये उम्मीद है कि पिंक गेंद से भी उनका वैसा ही प्रदर्शन जारी रहेगा। 

Posted By: Sanjay Savern

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