नई दिल्ली, जेएनएन। भारतीय क्रिकेट टीम ने तीन मैचों की टी20 सीरीज के पहले मैच में जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरुआत की। इस मुकाबले में रवींद्र जडेजा को बल्लेबाजी के दौरान सिर पर गेंद लगी थी। चोट की वजह से जडेजा की जगह कन्कशन सब्स्टीट्यूट के तौर पर युजवेंद्र चहल को टीम में शामिल किया गया। इसी बात को लेकर मैच के दौरान विवाद हो गया था।

कैनबरा में खेले गए पहले टी20 में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 7 विकेट के नुकसान पर 161 रन बनाए थे। जवाब में 7 विकेट खोकर निर्धारित 20 ओवर में ऑस्ट्रेलिया की टीम 150 रन ही बना पाई। 11 रन से मैच जीतकर भारत ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई। इस मैच में जडेजा ने बल्लेबाजी के दौरान 23 गेंद पर 44 रन कर की नाबाद पारी खेली थी। कन्कशन सब्स्टीट्यूट के तौर पर उतरे चहल ने 4 ओवर में 25 रन देकर 3 विकेट हासिल किया और मैन ऑफ द मैच रहे।

मैच के बाद ऑस्ट्रेलिया के कप्तान आरोन फिंच ने इस बारे में बात करते हुए कहा, "जडेजा को डॉक्टरों ने कन्कशन की वजह से मैच से बाहर बताया। आप मेडिकल एक्सपर्ट की राय को नहीं बदल सकते हैं।" 

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने इस बारे में मैच के बाद कहा, "युजी को मैच में खिलाने की कोई भी योजना नहीं थी। कन्कशन जैसी टीम बड़ी ही अजीब है, आज के मैच में इसने हमारे लिए काम किया, हो सकता है कि अगले किसी मैच में यह हमारे विरुद्ध में चला जाए।" 

क्या था असली विवाद

रवींद्र जडेजा को बल्लेबाजी करते हुए आखिर ओवर में हेल्मेट पर गेंद लगी थी। इसके बाद उन्होंने मैच खत्म किया और नाबाद 44 रन बनाकर वापस लौटे। इस दौरान उनको लंगड़ाते हुए देखा गया। ऑस्ट्रेलिया की टीम जब बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतर रही थी तब उनको पता चला कि जडेजा की जगह कन्कशन सब्सीट्यूट के तौर पर चहल को भारतीय टीम में शामिल किया गया है।

कप्तान अरोन फिंच और कोच जस्टिन लैंगर ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की और बाउंड्री पर ही मैच रेफरी डेविड बून से बहस की। आईसीसी के नियमों के मुताबिक भारतीय टीम को चहल को खिलाने की इजाजत थी और उन्होंने मैच खेला।

 

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