मुंबई, प्रेट्र। दिग्गज क्रिकेटर कपिल देव ने मौजूदा तेज आक्रमण की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले चार-पांच साल में इन गेंदबाजों ने भारतीय क्रिकेट का रुख बदल दिया। कपिल से जब पूछा गया कि क्या मौजूदा भारतीय तेज आक्रमण सर्वश्रेष्ठ है तो उन्होंने कहा, 'क्या मुझे यह कहने की जरूरत है? ऐसे तेज गेंदबाजों का आक्रमण हमने देखा नहीं था, सोचा भी नहीं था। इसलिए किसी को कुछ कहने की जरूरत नहीं है और हां, बिना किसी संदेह के पिछले चार-पांच साल में तेज गेंदबाजों ने भारतीय क्रिकेट का रुख बदल कर रख दिया।'

मौजूदा भारतीय तेज गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह, उमेश यादव, मुहम्मद शमी, इशांत शर्मा, दीपक चाहर और नवदीप सैनी शामिल हैं। चोट के कारण बुमराह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज की टीम में नहीं हैं, लेकिन शमी ने विशाखापत्तनम में पहले टेस्ट में शानदार गेंदबाजी कर उनकी कमी महसूस नहीं होने दी।कपिल ने कहा कि इससे कुछ फर्क नहीं पड़ता कि वह रैंकिंग में शीर्ष-10 में शामिल नहीं हैं। यह मायने रखता है कि वह टीम के लिए कितने प्रभावशाली हैं। उन्हें शानदार प्रदर्शन करते देखना अच्छा लगता है।'

कपिल ने कहा कि यह देखकर खुशी होती है कि भारत से ऐसे विश्व स्तरीय तेज गेंदबाज निकल रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे भारतीय गेंदबाजों की प्रतिभा पर गर्व है। वे अच्छी संख्या में आ रहे हैं। तेज गेंदबाजी आक्रमण का विकास होने में समय लगता है। अभी जितनी क्रिकेट खेली जा रही उसे देखकर अच्छा लगता है। आइपीएल के कारण कई तेज गेंदबाजों को मौका मिल रहा है।'

हितों के टकराव के आरोप के बाद क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) से इस्तीफा देने वाले पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने कहा कि क्रिकेट के पेशेवर काम के साथ मानद क्षमता में बैठक में भाग लेना हितों का टकराव नहीं हो सकता। कपिल की अगुआई में क्रिकेट सलाहकार समिति ने भारतीय टीम के मौजूदा कोच रवि शास्त्री का चयन किया था। बीसीसीआइ के नैतिक अधिकारी डीके जैन ने सीएसी (कपिल , अंशुमन गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी) को नोटिस भेजकर उनके खिलाफ लगे हितों के टकराव के आरोपों का जवाब देने को कहा था। मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ के आजीवन सदस्य संजीव गुप्ता ने इन तीनों के खिलाफ शिकायत दायर की थी, जिन्होंने अगस्त में मुख्य कोच के पद पर रवि शास्त्री को चुना था।

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नोटिस मिलने के बाद सीएसी के तीनों सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया था। कपिल से जब इस बारे में पूछा गया तब उन्होंने कहा, 'हितों का टकराव क्या है। टकराव तब होता है जब आप नियमित काम करते हैं, अगर आपको एक बैठक के लिए बुलाया जाता है तो वह टकराव नहीं होता है। अगर आप पे रोल (नियमित वेतन) पर हैं तो यह टकराव है। अगर आप किसी मानद काम के लिए जाते हैं तो वह हितों का टकराव नहीं है।'

 

Posted By: Sanjay Savern

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