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मुंबई, प्रेट्र। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ को लगता है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हाल में हुई द्विपक्षीय घरेलू वनडे सीरीज में मिली 2-3 की हार ने भारत की उम्मीदों को झटका दिया है और आगामी विश्व कप की दावेदारों में से एक मानी जा रही विराट कोहली एवं उनकी टीम के लिए यह निराशाजनक प्रदर्शन चेतावनी का संकेत होना चाहिए।

भारत पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बनाए हुए था, लेकिन मौजूदा विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसने अगले तीनों मुकाबले गंवा दिए, जिससे उसे लंबे समय बाद किसी वनडे सीरीज में हार मिली। इंग्लैंड में 30 मई से शुरू होने वाले विश्व कप में जाने से पूर्व यह भारत की अंतिम वनडे सीरीज थी। द्रविड़ ने कहा, 'मुझे लगता है कि ऐसी धारणा थी कि हम वहां जाएंगे और आसानी से विश्व कप जीत लेंगे। इसलिए जो कुछ भी हुआ, अच्छा ही हुआ। जो हुआ (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ परिणाम) उसने हमें याद दिलाया कि हमें विश्व कप में बहुत-बहुत अच्छा खेलना है।'

द्रविड़ यहां ईएसपीएनक्रिकइंफो के 'सुपरस्टैट्स' की लांचिंग के दौरान भारतीय टीम के अपने पूर्व साथी संजय मांजरेकर के साथ मौजूद थे। भारतीय अंडर-19 और ए टीम के कोच द्रविड़ ने कहा, 'एक तरीके से यह अच्छा संतुलन करने वाला कारक रहा। भारत ने पिछले दो वर्षो में अच्छा प्रदर्शन किया है। ऐसी भी बातें चल रही थीं कि हम वहां जाएंगे और आसानी से विश्व कप जीत लेंगे, क्योंकि हम पिछले दो वर्षो से नंबर एक टीम बने हुए हैं और पिछले दो वर्षो से वनडे क्रिकेट में हमारा दबदबा रहा है। लेकिन, सीरीज देखने के बाद मुझे मेरे नजरिये में कुछ भी अजीब नहीं लगता। मुझे अब भी लगता है कि हम प्रबल दावेदारों में से एक होंगे, लेकिन यह कठिन होगा। यह काफी प्रतिस्पर्धी होगा।'

कार्यभार के प्रबंधन के मामले में द्रविड़ ने कहा कि सभी खिलाडि़यों के लिए एक सी नीति नहीं बनाई जा सकती और खिलाड़ी इतने समझदार हैं कि उन्हें सीमा तय करना आता है। 23 मार्च से आइपीएल शुरू होने जा रहा है और इसमें खेलने वाले हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह जैसे कुछ अहम भारतीय खिलाडि़यों के विश्व कप टीम में शामिल होने की उम्मीद है। ऐसे में खिलाडि़यों के कार्यबोझ के प्रबंधन को लेकर काफी चर्चाएं हो रही हैं। ऑलराउंडर हार्दिक पीठ के निचले हिस्से की चोट के बाद वापसी कर रहे हैं। इस चोट के चलते उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में मैच खेलने का मौका गंवा दिया और इसी विरोधी टीम के खिलाफ घरेलू सीरीज भी नहीं खेल सके।

द्रविड़ ने कहा, 'ज्यादातर खिलाड़ी इन मामलों में काफी समझदार हैं। उन्हें पता है कि क्या करना है। मुझे नहीं लगता कि खिलाड़ी इसे लेकर कोई जोखिम लेंगे। मैंने पैट कमिंस का बयान पढ़ा, जिन्होंने कहा था कि लगातार खेलते हुए वह बेहतर महसूस करते थे, बजाय आराम के बाद वापसी करने के। हर खिलाड़ी के मामले में यह अलग है। ऐसा नहीं हो सकता कि सभी को आराम की जरूरत है। हमें खिलाडि़यों पर भरोसा करना होगा। उन्हें पता है कि क्या करना है।'

वहीं, मांजरेकर ने कहा, 'आइपीएल में कोई बाहरी दखल नहीं होना चाहिए। यह टीमों पर निर्भर होना चाहिए। क्रिकेट बोर्ड को आइपीएल टीमों पर दबाव नहीं बनाना चाहिए कि खिलाडि़यों को आराम दिया जाए।'

Posted By: Sanjay Savern

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