सिडनी, एजेंसी। भारतीय क्रिकेट टीम के के पूर्व कप्तान कपिल देव को लगता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) को वनडे और टेस्ट क्रिकेट के अस्तित्व को सुरक्षित करने के लिए और समय देने की जरूरत है।

फ्रेंचाइजी आधारित टी-20 लीग की बढ़ती लोकप्रियता ने वनडे क्रिकेट के भविष्य पर एक गंभीर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। इसके अलावा टेस्ट क्रिकेट भी इस चिंता से अछूता नहीं है। व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स के वनडे से संन्यास ने 50 ओवर के खेल के भविष्य के बारे में और भी संदेह पैदा कर दिया है।

कपिल देव ने सिडनी मार्निंग हेराल्ड के हवाले से कहा कि मुझे लगता है कि आइसीसी की एक बड़ी जिम्मेदारी है कि इस खेल को कैसे बचाया जाए। यह यूरोप में फुटबाल की तरह चल रहा है। वे प्रत्येक देश के विरुद्ध नहीं खेलते हैं। यह चार साल में विश्व कप के रूप में एक बार होता है। क्या हम भी ऐसा ही करेंगे कि विश्व कप के अलावा बाकी समय क्लब क्रिकेट खेलेंगे।

उन्होंने कहा कि इसी तरह, क्या क्रिकेटर अंतत: मुख्य रूप से आइपीएल या बिग बैश या ऐसी ही कुछ लीग में खेल रहे होंगे? आइसीसी को इस पर और ध्यान देना चाहिए जिससे वनडे क्रिकेट, टेस्ट क्रिकेट के अस्तित्व को सुरक्षित रखा जा सके। आपको बता दें कि कपिल देव से पहले भी कई दिग्गज क्रिकेटर वनडे क्रिकेट व टेस्ट क्रिकेट को लेकर काफी कुछ कह चुके हैं। बेन स्टोक्स के संन्यास लेने के बाद कई क्रिकेटरों का कहना था कि इतने ज्यादा क्रिकेट होने की वजह से और भी कई खिलाड़ी ऐसा कदम उठा सकते हैं। वहीं टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच ने तो यहां तक कह दिया कि वनडे क्रिकेट को 50 की जगह 40 ओवर का कर दिया जाएगा। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने भी कहा था कि वनडे क्रिकेट अब बोर हो गया है। 

Edited By: Sanjay Savern