विशेष संवाददाता, मैनचेस्टर। वनडे क्रिकेट में सबसे तेज 100 विकेट लेने वाले दूसरे भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने कहा है कि उनके लिए तारीफ और आलोचना ज्यादा मायने नहीं रखती है। बुमराह ने कहा, 'मैं तारीफों और आलोचनाओं को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेता। मेरा ध्यान सिर्फ तैयारी और टीम के लिए क्या कर सकता हूं, इस पर रहता है। जहां तक गेंदबाजों का सवाल है, हम खुश हैं कि सभी विकेट ले रहे हैं और टीम के लिए अपना योगदान दे रहे हैं।'

बुमराह का मानना है कि भारतीय गेंदबाज एक संतोषजनक स्थिति में हैं क्योंकि वे नियमित अंतराल पर विकेट चटका रहे हैं। तेज गेंदबाज ने कहा, 'हार्दिक पांड्या विकेट ले रहे हैं और मुहम्मद शमी भी। मुझे भी विकेट मिले हैं और यह हमें अगले मैचों में और बेहतर करने में मदद कर रहा है। सभी ने अभी तक अच्छा खेला है और यह अभियान अच्छा जा रहा है। हर कोई विकेट ले रहा है और बल्ले के साथ अच्छा कर रहा है।' बुमराह ने कहा कि टीम की सफलता का रहस्य यह है कि खिलाडि़यों में चुनौतियों का सामना करने और जिम्मेदारी लेने की क्षमता है।

उन्होंने कहा, 'हर कोई जिम्मेदारी ले रहा है और यह अच्छी बात है। जब आप पर ज्यादा जिम्मेदारी होती है तो आप और ज्यादा कोशिश करते हैं और अपनी योजनाओं को ठीक से लागू करते हैं। यह हमारे लिए अच्छे संकेत हैं। विश्व कप के अधिकतर मैचों में हमने पांच गेंदबाजों से ही गेंदबाजी कराई और पूरे टूर्नामेंट के दौरान ऐसा ही होने की संभावना है।'

मलिंगा के साथ और खिलाफ खेलने पर गर्व : बुमराह ने श्रीलंका के लसित मलिंगा को महान बताते हुए कहा कि उन्हें उनके साथ और उनके खिलाफ खेलकर गर्व महसूस हुआ। बुमराह इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) में मुंबई इंडियंस के लिए मलिंगा के साथ खेले जबकि राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते हुए दोनों खिलाडि़यों ने एक-दूसरे का सामना किया। बुमराह ने मलिंगा को लेकर ट्वीट किया, 'आपके साथ और आपके खिलाफ खेलकर गर्व महसूस हुआ 'लेजेंड'।' श्रीलंका की टीम हालांकि, मलिंगा को जीत के साथ विदाई नहीं दे पाई और उसे भारत के खिलाफ शिकस्त का सामना करना पड़ा। मलिंगा अपने आखिरी मैच में 10 ओवर में 82 रन देकर केवल एक विकेट ही ले पाए। बुमराह 2013 में मुंबई इंडियंस में पहली बार मलिंगा से मिले थे और तबसे दोनों के बीच गहरी दोस्ती है। उन्होंने यॉर्कर और स्लोअर गेंद डालने की कला मलिंगा से ही सीखी हैं।

Posted By: Sanjay Savern