'माहिका के कारण क्रिकेट में मेरा बचपन लौट आया', Hardik Pandya ने अपनी सफलता का श्रेय 'लेडी लक' को दिया
भारतीय क्रिकेटर हार्दिक पांड्या ने जियोस्टार कार्यक्रम में बताया कि उन्होंने खेल के प्रति अपना जुनून कैसे फिर से पाया। ...और पढ़ें

Hardik Pandya ने अपनी सफलता का श्रेय 'लेडी लक' को दिया
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। Hardik Pandya: भारतीय क्रिकेट के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या इन दिनों अपनी प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी काफी चर्चा में हैं। हाल ही में हार्दिक ने जियोस्टार के एक कार्यक्रम में अपनी जर्नी के बारे में बात की और बताया कि कैसे उन्होंने खेल के लिए अपना जुनून दोबारा पाया और कैसे उनकी 'लेडी लक' माहिका ने उनके जीवन में खुशियां वापस ला दी हैं।
Hardik Pandya ने अपनी 'लेडी लक' की खूब की तारीफ
दरअसल, हार्दिक का मानना है कि उन्होंने अभी तक अपनी बल्लेबाजी की क्षमता का केवल 40 प्रतिशत ही इस्तेमाल किया है। अपनी फॉर्म और पोटेंशियल पर खुलकर बात करते हुए हार्दिक ने कहा कि वह हमेशा से एक क्रिकेट के शौकीन रहे हैं, लेकिन उनका पूरा ध्यान गेंदबाजी निखारने पर रहा। हालांकि, बल्लेबाजी हमेशा उनके दिल के करीब थी। इस कमी को दूर करने और खोए हुए आत्मविश्वास को वापस पाने में उनकी 'लेडी लक' माहिका ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई।
हार्दिक ने भावुक होते हुए कहा, "माहिका के आने से क्रिकेट के मैदान पर मेरा वो पुराना बचपना लौट आया है।" उन्होंने न केवल अपनी सफलता का श्रेय माहिका को दिया, बल्कि यह भी बताया कि कैसे उनके सपोर्ट ने उन्हें मानसिक रूप से और भी मजबूत बनाया है। मैदान पर आक्रामक दिखने वाले हार्दिक का यह सॉफ्ट अंदाज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
इतना ही नहीं, हार्दिक ने कहा कि पिछले IPL के बाद उन्हें एहसास हुआ कि वो अपनी बल्लेबाजी की असली काबिलियत के साथ न्याय नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने अब तक अपनी बल्लेबाजी की क्षमता का 40% हिस्सा भी इस्तेमाल नहीं किया है। भारतीय स्टार ऑलराउंडर ने आगे कहा,
एक क्रिकेटर के तौर पर मैं जो जानता हूं, जो सपने देखता हूं और जैसी प्रैक्टिस करता हूं, वो मैदान पर प्रदर्शन में सिर्फ 40% ही बदल पाया है। मैंने अपनी जिंदगी में थोड़ा समय लिया यह समझने के लिए कि मैं अपनी इस काबिलियत को बाहर कैसे लाऊं।
हार्दिक पांड्या
खुद को तराशने और एक नए ऑलराउंडर के रूप में उभरने पर हार्दिक पांड्या ने कहा,
मुझे याद है जब मैंने अपनी बल्लेबाजी की तकनीक और अपना स्विंग बदला था, तो एक पल के लिए ऐसा लगा जैसे मैं बैटिंग करना ही भूल गया हूँ। लेकिन मन के किसी कोने में मुझे यकीन था कि मैं सही दिशा में आगे बढ़ रहा हूँ। ऐसा इसलिए था क्योंकि मैं बदलाव के लिए तैयार था और खुद को अगले स्तर पर ले जाना चाहता था।
