मेलबर्न, प्रेट्र। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट (Adam Gilchrist) ने हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) को 'कठिनतम प्रतिद्वंद्वी' करार देते हुए कहा कि भारत का यह ऑफ स्पिनर और श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में दो सबसे कठिन गेंदबाज रहे। अपने शानदार करियर की उपलब्धियों और यादगार पलों को याद करते हुए गिलक्रिस्ट ने 2001 के भारत दौरे का जिक्र किया जिसमें हरभजन ने गेंदबाजी के जौहर दिखाए थे।

उन्होंने कहा, 'हरभजन मेरे पूरे करियर में सबसे कठिन प्रतिद्वंद्वी रहे। मुरली और हरभजन दो ऐसे गेंदबाज रहे जिनका सामना करने में सबसे ज्यादा दिक्कत हुई।' भारत ने 2001 की सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के 15 मैचों के विजय अभियान पर रोक लगाई थी। ऑस्ट्रेलिया ने पहला टेस्ट 10 विकेट से जीता, लेकिन उसके बाद हरभजन की गेंदबाजी के दम पर भारत ने दोनों टेस्ट जीते। गिलक्रिस्ट ने कहा, 'मुझे लगा कि उनका सामना करना बहुत आसान है, लेकिन मैं गलत था। अगले टेस्ट में ही हमारा सामना हकीकत से हुआ। हरभजन ने हमारे पैरों तले से जमीन खिसका दी थी।'

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट दुनिया के तूफानी ओपनर बल्लेबाजों में से एक माने जाते थे। अपने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करने की वजह से दुनिया के गेंदबाजों के लिए सिरदर्द थे। उनसे दुनिया के तमाम गेंदबाज खौफ खाते थे, लेकिन उन्हें भज्जी और मुरलीधरन से डर लगता था जो उन्होंने खुद बताया भी है। 

एडम गिलक्रिस्ट ने अपने देश के लिए 96 टेस्ट मैचों में 5570 रन बनाए थे और उनका बेस्ट स्कोर नाबाद 204 रन था। वहीं उन्होंने टेस्ट में विकेट के पीछे 379 कैच और 37 स्टंप आउट किए थे। वहीं वनडे क्रिकेट की बात करें तो उन्होंने 287 वनडे मैचों में 9619 रन बनाए थे। वनडे में उनका बेस्ट स्कोर 172 रन था। वनडे में उन्होंने 417 कैच और 55 स्टंप आउट किए थे। उन्होंने 13 टी 20 मैच भी खेले थे जिसमें 272 रन बनाए थे और 17 कैच पकड़े थे। 

 

Posted By: Sanjay Savern

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