नई दिल्ली, जेएनएन। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी को कैप्टन कूल बुलाया जाता है। इसके पीछे उनका ठंडा स्वभाव है क्योंकि उनको मैदान पर गुस्सा करते शायद ही देखा गया है। लोग मानते हैं कि धौनी को गुस्सा नहीं आता लेकिन पूर्व भारतीय ओपनर गौतम गंभीर ने इसे गलत ठहराया है। उन्होंने कहा कि धौनी को गुस्सा करते खुद कई बार देखा है।

धौनी की कप्तानी में भारत के लिए दो विश्व कप फाइनल खेलने वाले गंभीर ने इस बात का खुलासा किया है। उन्होंने स्टार स्पोर्ट्स के शो क्रिकेट कनेक्टेड पर कहा कि धौनी भी आम इंसान हैं और दूसरों की तरह उनको भी गुस्सा आना स्वभाविक है।

गंभीर ने साल 2007 में टी20 विश्व कप फाइनल जबकि 2011 में 50 ओवर विश्व कप के फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया था। 2011 में धौनी के साथ उनकी निभाई गई साझेदारी ने टीम इंडिया को 28 साल बाद विश्व चैंपियन बनाया। इस मैच में चौथे विकेट के लिए दोनों के बीच 109 रन की बेशकीमती साझेदारी हुई थी। फाइनल में गंभीर ने 97 जबकि धौनी ने नाबाद 91 रन का पारी खेली थी।

"लोग कहते हैं कि उन्होंने उनको अपना आपा खोले (गुस्सा होते हुए) कभी नहीं देखा है लेकिन मैंने देखा है वो कई बार। साल 2007 विश्व कप के दौरान इसके बाद फिर एक और विश्व कप में जब हमने अच्छा नहीं किया था तब। वह भी इंसान है और वो भी प्रतिक्रिया देने के लिए लिए बने हैं। ऐसा करने में कुछ भी गलत नहीं है।"

"सीएसके के साथ भी, अगर मिसफील्ड होती है या कोई कैच छूट जाता है तो हां वो गुस्सा होते हैं। यह पक्का है कि उनका गुस्सा बाकी कप्तानों की तुलना में थोड़ा ठंडा होता है।"

 

Posted By: Viplove Kumar

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