नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। केएल राहुल की इंजरी के बाद मिले मौके के बाद बतौर कप्तान रिषभ पंत के लिए साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज मिला-जुला रहा। एक तरफ जहां इस सीरीज में पंत बल्ले से कमाल नहीं कर पाए वहीं बतौर कप्तान 0-2 से पिछड़ने के बाद 5 मैचों की सीरीज में 2-2 से बराबरी की। इस पूरे सीरीज के दौरान पंत की बल्लेबाजी टीम के लिए चिंता का कारण रही। पंत को भले ही टीम इंडिया में भविष्य के लीडर के तौर पर देखा जा रहा है लेकिन पूर्व सेलेक्टर्स मदन लाल इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते।

1983 वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा रहे मदन लाल इस बात के पक्ष में नहीं हैं कि पंत को टीम इंडिया का कप्तान बनना चाहिए। उनके अनुसार पंत को कप्तानी से पहले एक बल्लेबाज के तौर पर परिपक्वता दिखानी चाहिए जो उसके नेतृत्व कौशल को प्रतिबिंबित कर सकता है।

टीवी टुडे नेटवर्ट से बात करते हुए मदन लाल ने कहा कि "मैं उसे कप्तान बनने से रोकता मैं अभी इसकी अनुमति नहीं देता। क्योंकि ऐसे खिलाड़ी को बाद में यह जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। भारत का कप्तान बनना एक बड़ी बात है। वह एक युवा खिलाड़ी है। वह कहीं नहीं जा रहा है। वह जितना लंबा खेलेगा उतना मैच्योर्ड होगा।"

उन्होंने कहा कि पंत को कम से कम दो साल का वक्त लेना चाहिए। उसके बाद अपने आप को कप्तानी की दावेदारी में आगे लाना चाहिए।

दो साल बाद हो सकते हैं अच्छे कप्तान

मदन लाल ने कहा कि अगले दो सालों में यदि वो अपनी बल्लेबाजी को अगले स्तर तक ले जाते हैं तो वह एक अच्छे कप्तान होंगे और चीजों को अच्छी तरीके से डील कर पाएंगे। वह अलग नेचर के प्लेयर हैं। एमएस धौनी कूल कप्तान थे जो बतौर कप्तान उन पर जचता था। विराट कोहली बेहतरीन बल्लेबाज थे। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि पंत को अपनी बल्लेबाजी का तरीका बदलना चाहिए लेकिन वह थोड़ी परिपक्वता के साथ खेलें तो यह बहुत अच्छा होगा।

Edited By: Sameer Thakur