नई दिल्ली, जेएनएन। वनडे वर्ल्ड कप 2019 से पहले जब भारतीय धरती पर भारत-वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज खेली गई थी उस दौरान विराट कोहली ने कहा कि, इस वर्ल्ड कप में अंबाती रायुडू भारत के लिए नंबर चार के बल्लेबाज की भूमिका निभाएंगे। इसके बाद ही अंबाती रायुडू को इंग्लैंड और वेल्स में खेले गए वर्ल्ड कप से ठीक पहले ऑस्ट्रिेलिया के खिलाफ भारत में ही होने वाले क्रिकेट सीरीज में टीम से ड्रॉप कर दिया गया था। 

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उस समय अंबाती को बेशक टीम से ड्रॉप कर दिया गया, लेकिन कई लोगों का ऐसा विश्वास था कि उन्हें वर्ल्ड कप टीम में चुना जा सकता है क्योंकि टीम मैनेजमेंट उन्हें पसंद करती थी, लेकिन जब वनडे वर्ल्ड कप 2019 के लिए टीम की घोषणा की गई तो एमएसके प्रसाद की अगुआई में सेलेक्शन कमेटी ने उनकी जगह टीम में विजय शंकर को उनकी ऑलराउंड क्षमता की वजह से चुन लिया।

भारतीय क्रिकेट टीम की सेलेक्टशन कमेटी के इस फैसले के बाद अंबाती रायुडू ने क्रिकेट से संन्यास भी ले लिया था। अब उस उस सेलेक्शन कमेटी के सदस्य देवांग गांधी ने इस बात का खुलासा किया है कि अंबाती रायुडू को टीम से बाहर करने का फैसला गलत था। उन्होंने कहा कि हां वो एक बड़ी लगती थी, लेकिन हम भी इंसान हैं। उस वक्त हमने सही टीम का चयन किया था, लेकिन बाद में हमें महसूस हुआ कि अंबाती रायुडू की मौजूदगी से टीम को फायदा मिल सकता था।

दरअसल वनडे वर्ल्ड कप 2019 में सेमीफाइनल में भारत को हार मिली थी और इसके बाद अंबाती रायुडू को लेकर खूब चर्चा हुई थी और उनके टीम में नहीं शामिल किए जाने पर बहस भी जमकर हुई थी। हालांकि भारत के लिए पूरा टूर्नामेंट अच्छा रहा था, लेकिन सेमीफाइनल की हार ने टीम को निराश कर दिया। गांधी ने कहा कि, उसके बाद अंबाती की नाराजगी जायज थी और उन्होंने जो रिएक्शन दिया वो भी गलत नहीं था। अंबाती रायुडू की जगह टीम में शामिल किए गए विजय शंकर ने वर्ल्ड कप में ज्यादा अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था। 

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