नई दिल्ली, जेएनएन। भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला कोरोना संकट को देखते हुए रद करना पड़ा। बीसीसीआइ और इंग्लैंड क्रिकेट ने आपसी सहमति से मैनचेस्टर में खेले जाने वाले इस टेस्ट मैच को रद करने का फैसला लिया। इस मैच को अब किसी और तारीख पर खेले जाने पर सहमति बनी है। सीरीज का पांचवां मुकाबला रद हुआ तो इसको लेकर तरह तरह की बातें भी सामने आई और विवाद भी हुआ।

भारतीय खेमे में कोरोना संक्रमित पाए गए कोचिंग स्टाफ में मुख्य कोच रवि शास्त्री और गेंदबाजी कोच भरत अरुण भी शामिल थे। मैनचेस्टर टेस्ट से पहले भारतीय कोचिंग स्टाफ के चार सदस्यों को आइसोलेशन में भेज दिया गया था और वह इस सीरीज से बाहर हो चुके थे। पांचवें टेस्ट से एक दिन पहले सहायक फीजियो योगेश परमार की कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद स्थिति बिगड़ गई आखिरकार मैच को रद करना पड़ा।

ईसीबी के मुख्य कार्यकारी टाम हैरिसन ने रवि शास्त्री की नई किताब के लंदन में लांचिंग कार्यक्रम में भाग लिया था, जो भारत के मुख्य कोच के कोविड -19 के लिए पाजिटिव पाए जाने से कुछ दिन पहले हुआ था। पता चला है कि हैरिसन को शास्त्री और बीसीसीआइ से निमंत्रण मिला था और उन्होंने खाने-पीने को छोड़कर पूरे समय मास्क पहना था। उन्होंने अतिथि सूची नहीं देखी थी और इस गर्मी में ईसीबी द्वारा दोनों टीमों के लिए सुरक्षित रहने के दिशानिर्देशों के अनुरूप एक कोविड-सुरक्षित घटना की उम्मीद की थी।

हालांकि, इस घटना की खबर ने ईसीबी के कई कर्मचारियों को नाराज कर दिया है, जो मानते हैं कि यह उनके द्वारा स्वीकृत नहीं किया गया था। इंग्लैंड के खिलाड़ियों को लगता है कि उन्होंने इस गर्मी में भारत से ज्यादा नियमों का पालन किया है। हैरिसन से इस पुस्तक के विमोचन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने इसकी निंदा नहीं करने का विकल्प चुना था।

 

Edited By: Viplove Kumar