शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिनेश कार्तिक की पोस्ट वायरल, नई पीढ़ी की जमकर की तारीफ
NEET-UG 2026 पेपर लीक के आरोपों को लेकर लंबे समय से चल रहे देशव्यापी विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा दे दिया है।

दिनेश कार्तिक

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक के आरोपों को लेकर लंबे समय से चल रहे देशव्यापी विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा दे दिया है। इसके कुछ घंटों बाद शनिवार को भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने देश की युवा पीढ़ी के लिए एक उम्मीद भरा मैसेज शेयर किया।
युवाओं की तारीफ की
कार्तिक ने सीधे तौर पर राजनीतिक घटनाक्रम या छात्र आंदोलन का जिक्र नहीं किया, लेकिन युवा भारतीयों की "स्पष्टता, सहयोग और अटूट लगन" की तारीफ करने वाला उनका पोस्ट ऐसे दिन आया जब विरोध-प्रदर्शनों को सबसे बड़ी कामयाबी मिली। लगातार बढ़ते दबाव के कारण प्रधान को अपना पद छोड़ना पड़ा।
कार्तिक ने किया पोस्ट
कार्तिक ने X पर एक पोस्ट में देश के युवाओं के हौसले और दृढ़ संकल्प की तारीफ की। "आखिरकार, हम सभी एक बेहतर भारत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। नई पीढ़ी की स्पष्ट सोच, मिल-जुलकर काम करने की भावना और लगातार कोशिश करते रहने का जज्बा मुझे बहुत प्रभावित करता है। भविष्य उज्ज्वल है और अगली पीढ़ी हमें नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। जय हिंद।"
🇮🇳 Dinesh Karthik's latest Instagram post! 🔥#DineshKarthik #TeamIndia #Cricket pic.twitter.com/IqBZiylFR6
— KUMAR (@MyCric101) July 25, 2026
इन क्रिकेटर ने की थी पोस्ट
इससे पहले विरोध-प्रदर्शनों के दौरान, सचिन तेंदुलकर और युवराज सिंह ने भी शांति बनाए रखने और छात्रों का समर्थन करने के संदेश दिए थे। उन्होंने आंदोलन से जुड़ी राजनीतिक मांगों पर कोई पक्ष न लेते हुए काफी हद तक तटस्थ रुख अपनाया था।
प्रधान ने कही ये बात
शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया। उन्होंने कहा कि यह फैसला छात्रों के भविष्य की रक्षा करने और तथाकथित "राष्ट्र-विरोधी ताकतों" को विरोध-प्रदर्शनों का फायदा उठाने से रोकने के लिए लिया गया है। उनका इस्तीफा केंद्र और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच बातचीत के तीसरे दौर से कुछ ही घंटे पहले आया। CJP के नेताओं ने बार-बार जोर देकर कहा था कि उनका हटना एक ऐसी मांग है जिस पर कोई समझौता नहीं हो सकता।
