नई दिल्ली, आइएएनएस। नागपुर में भारत और बांग्लादेश के बीच खेले गए तीन मैचों की सीरीज के आखिरी और निर्णायक मुकाबले में जब मेहमान टीम के बल्लेबाज मोहम्मद नईम और मोहम्मद मिथुन बल्लेबाजी कर रहे थे तो ऐसा लग रहा था कि टीम मैच और सीरीज जीतकर इतिहास रच देगी, लेकिन हुआ इसके बिल्कुल विपरीत। कप्तान रोहित शर्मा ने युवा खिलाड़ियों के साथ ऐसा जाल बुना जिसमें बांग्ला टाइगर्स फंस गए और मैच के साथ-साथ सीरीज भी हार गए।

पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी की तरह रोहित शर्मा ने भी युवाओं से उनका बेस्ट निकलवाया और मैच 30 रन से और सीरीज 2-1 से जीत ली। धौनी के ही शागिर्द तेज गेंदबाज दीपक चाहर ने टीम इंडिया के लिए 7 रन देकर 6 विकेट झटके, जिसमें एक हैट्रिक भी शामिल थी। इसी के दम पर नागपुर में भारतीय खिलाड़ियों ने तहलका मचा दिया। कहा जा रहा था कि गेंदबाजों को ओस परेशान करेगी, लेकिन दीपक चाहर ने इसे गलत साबित कर दिखाया।

दीपक चाहर ने कराई भारत की वापसी

अपने पहले ही ओवर में लिटन दास और सौम्य सरकार को दो गेंदों पर आउट करने के बाद कप्तान रोहित शर्मा ने दीपक चाहर को गेंद थमाई। दीपक चाहर ने 13वें ओवर में एक बार फिर भारत को विकेट दिलाया और टीम की वापसी कराई। न्यूज एजेंसी से बात करते हुए दीपक चाहर ने कहा कि परिस्थितियां गेंदबाजों के अनुकूल नहीं थीं, लेकिन कप्तान रोहित शर्मा ने उन पर विश्वास जताया जिसे देखकर उन्हें खुशी हुई।

दीपक चाहर ने बताया, "उन्होंने(रोहित शर्मा) मुझसे कहा था कि मैं आज तुझे बुमराह की तरह इस्तेमाल करूंगा। मैं तुमको महत्वपूर्ण ओवरों में गेंदबाजी दूंगा। इस बात ने मुझे मोटिवेट किया। मुझे अच्छा लगा कि जब मुझे ये जिम्मेदारी दी गई। इससे लगता है कि मुझ पर भरोसा किया जा रहा है। मुझे बुरा तब लगता है जब मुझ पर कोई भरोसा नहीं करता। गेम के बीच में कप्तान द्वारा ऐसा कहा जाना विश्वास पैदा करता है।"

खिलाड़ी पर कप्तान को विश्वास जताना जरूरी

चाहर ने इस बात को भी स्वीकार किया है कि जब आपको किसी अपनी ही टीम के खिलाड़ियों के साथ कंपेयर किया जाता है तो अच्छा लगता है, लेकिन बिना किसी संदेह मैं कह सकता हूं बुमराह नंबर वन गेंदबाज हैं और ये गर्व का विषय है कि आपकी तुलना उस गेंदबाज के साथ होती है। ईमानदार होना चाहिए... मुझे पता है कि उनका दर्ज आज क्या है और मैं ये भी जानता हूं कि मेरा दर्जा आज क्या है। मैं उनके साथ तुलना नहीं करना चाहता, मैं बस अच्छा काम करना चाहता हूं।"

आइपीएल टीम चेन्नई सुपर किंग्स में धौनी की कप्तानी में खेलने वाले दीपक चाहर ने ये भी कहा है कि धौनी आपको हर समय नहीं बता सकते। धौनी का मानना है कि आप एक प्रोफेशनल क्रिकेटर हैं तो आपको अपनी ताकत और कमजोरियों पर ध्यान देना होगा। वह मैच के दौरान आपको बताएं और आपकी उन परिस्थितियों में मदद भी करते हैं। वह आपको विश्वास दिलाते हैं जिससे के आप दमदार प्रदर्शन कर सको।

Posted By: Vikash Gaur

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