मुंबई, प्रेट्र। चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) की टीम में कई उम्रदराज खिलाड़ी थे, लेकिन इसके बावजूद वह आइपीएल-11 की चैंपियन बनने में सफल रही और उसके कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने भी जीत के बाद कहा कि उम्र नहीं, बल्कि फिटनेस मायने रखती है।

आइपीएल नीलामी के दौरान चेन्नई ने 30 साल से अधिक उम्र के नौ खिलाडिय़ों को अपनी टीम में चुना था, जिसमें शेन वॉटसन और अंबाती रायुडू के नाम भी शामिल थे। उम्रदराज खिलाडिय़ों को लेने की वजह से सीएसके की काफी आलोचना हो रही थी, लेकिन रायुडू और वॉटसन ने अहम भूमिका निभाते हुए अपनी टीम को खिताब दिलाया। रायुडू ने इस आइपीएल में 602 रन बनाए, जबकि वॉटसन के नाम 555 रन दर्ज हुए। ये दोनों इस साल सबसे ज्यादा रन बनाने वाले पांच बल्लेबाजों में शामिल रहे। 

36 वर्षीय धौनी से मैच के बाद टीम में अधिक उम्र के खिलाडिय़ों की मौजूदगी के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, 'हम उम्र के बारे में बात करते हैं, लेकिन फिटनेस अधिक महत्वपूर्ण है। रायुडू 32 साल के हैं, लेकिन यह वास्तव में मायने नहीं रखता। अगर आप किसी भी कप्तान से पूछोगे तो वे ऐसा खिलाड़ी चाहते हैं जो चपल हो। हम अपनी कमजोरियों से वाकिफ थे। अगर वॉटसन डाइव लगाने की कोशिश करते तो वह चोटिल हो सकते थे इसलिए हमने उन्हें ऐसा नहीं करने के लिए कहा।

धौनी ने कहा कि उम्र केवल नंबर है, लेकिन आपको पूरी तरह फिट होना चाहिए। जब आप फाइनल में पहुंचते हैं तो हर कोई अपनी भूमिका जानता है। जब आप क्षेत्ररक्षण करते हैं तो आपको अपनी रणनीति के अनुसार सामंजस्य बिठाना पड़ता है। हमारे बल्लेबाज अपनी शैली से परिचित हैं। अगर किसी को यह मुश्किल लगती तो अगले बल्लेबाज के लिए भी आसान नहीं होता। हमें पता था कि उनकी टीम में भुवनेश्वर कुमार और राशिद खान दो अच्छे गेंदबाज हैं जो हम पर दबाव बना सकते हैं इसलिए मैं मानता हूं कि हमारी बल्लेबाजी बहुत अच्छी रही, लेकिन हमें विश्वास था कि बीच के ओवरों में हम अच्छे रन जुटा सकते हैं। धौनी से जब पूछा गया कि उनकी सर्वश्रेष्ठ जीत कौन सी रही, तो उन्होंने कहा, 'प्रत्येक जीत महत्वपूर्ण होती है इसलिए एक जीत को चुनना मुश्किल है।

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Posted By: Sanjay Savern

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