लंदन, प्रेट्र। इंग्लैंड के कप्तान जो रूट का मानना है कि कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के इरादे से गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर लगी रोक से गेंदबाजों के कौशल में सुधार हो सकता है जिन्हें पिच से मदद हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।

भारत के पूर्व दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले की अगुआई वाली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) की क्रिकेट समिति ने खेल दोबारा शुरू होने पर गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल को प्रतिबंधित करने का सुझाव दिया है। आइसीसी ने क्रिकेट को दोबारा शुरू करने के लिए अपने दिशानिर्देशों में भी गेंद पर लार के इस्तेमाल को प्रतिबंधित किया है। रूट ने हालांकि कहा कि यह गेंदबाजों के पक्ष में काम कर सकता है और उनके कौशल में इजाफा हो सकता है।

रूट ने कहा, 'आम तौर पर मिलने वाली सहायता मौजूदा नहीं होने का मतलब है कि आपको अपनी सटीकता में सुधार करना होगा। खिलाडि़यों को पिच से मदद हासिल करने का कोई और तरीका ढूंढना होगा। यह अधिक प्रयास करना, क्रीज पर कोण में बदलाव, तिरछी सीम का इस्तेमाल आदि हो सकता है। हमारे गेंदबाज चार से पांच हफ्ते के समय में इसे तैयार कर सकते हैं।

आपको बता दें कि कोविड 19 महामारी की वजह से क्रिकेट के गेंद पर लार के इस्तेमाल पर बैन कर दिया गया है, जिसके बाद सवाल ये उठ रहे हैं कि अब गेंद की चमक को बनाए रखने के लिए गेंदबाजों के पास दूसरा विकल्प क्या हो सकता है। हालांकि गेंद को चमकाने के लिए वो दूसरी चीज क्या हो सकती है इस पर आइसीसी की तरफ से कोई बात सामने नहीं आई है। वैसे गेंदबाजों के लिए अच्छी बात ये है कि आइसीसी क्रिकेट समिति के अध्यक्ष अनिल कुंबले ने साफ किया है कि लार के इस्तेमाल पर प्रतिबंध स्थाई नहीं है। अगर सबकुछ फिर से सामान्य हो जाता है तो पहले ही तरह की इसे लागू कर दिया जाएगा। 

Posted By: Sanjay Savern

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