ब्रिसबेन, एएनआइ। भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम की सिडनी टेस्ट की रणनीति को देखकर लग रहा था कि उन्हें अंदाजा तक नहीं था कि मैं और हनुमा विहारी क्या करना चाह रहे हैं। दोनों ने मिलकर इस टेस्ट के पांचवें दिन 258 गेंद खेलकर टेस्ट को ड्रॉ करा दिया था। अश्विन ने कहा कि उन्हें सोचना चाहिए था कि चोट के कारण हम लोग स्ट्राइक नहीं बदल रहे हैं। एक खिलाड़ी अपने पैर आगे नहीं बढ़ा पा रहा था तो दूसरे के शरीर पर लगातार गेंद पड़ रही थी और फिर अचानक से यह हमारी रणनीति बन गई।

आर अश्विन ने कहा कि, मेरी कमर बुरी तरह से जकड़ गई थी और मैं हिल भी नहीं सकता था। उन्होंने गलती की। अगर वह मुझे आगे गेंद कराते तो मेरे बल्ले का किनारा लग सकता था या मुझे यह खेलने में दिक्कत होती। ऐसा मुझे लगता है, लेकिन उन्होंने छोटी गेंद शरीर पर डालकर हमें डराना चाहा। मेरे जितना गेंद लग रही थी, मेरा उतना ही दृढ़ निश्चय बढ़ रहा था। आप जैसा सोचना चाहें सोच सकते हैं, लेकिन जो हमने वहां किया उससे मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलिया यहां हार गया। 

आपको बता दें कि सिडनी टेस्ट मैच की दूसरी पारी में आर अश्विन और हनुमा विहारी ने मिलकर ड्रॉ करा लिया था। बल्लेबाजी के दौरान आर अश्विन व हनुमा विहारी दोनों इंजर्ड थे बावजूद इसके दोनों लगातार बल्लेबाजी करते रहे और मैच को ड्रॉ कराकर ही पवेलियन वापस आए। सिडनी टेस्ट के बाद इंजर्ड होने की वजह से हनुमा विहारी टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए थे तो वहीं आर अश्विन चोटिल होने की वजह से चौथे यानी ब्रिसबेन टेस्ट मैच में नहीं खेल पाए थे। 

इन सबके बावजूद टीम इंडिया ब्रिसबेन में अपने नए खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतरी और कंगारू टीम को तीन विकेट से हराकर टेस्ट सीरीज में 2-1 से जीत दर्ज कर ली। रहाणे की कप्तानी में भारत ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज पर कब्जा किया और लगातार दूसरी बार उनकी धरती पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीतने में कामयाबी पाई। 

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