नई दिल्ली, जेएनएन। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर अतुल वासन ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि उन्होंने दिल्ली टीम में विराट कोहली और इशांत शर्मा के चयन को लेकर डीडीसीए से लड़ाई कर ली थी। इसके बाद ही इन दोनों खिलाड़ियों का चयन दिल्ली टीम में हो पाया। इस वक्त विराट क्रिकेट के तीनों प्रारूपों के शानदार बल्लेबाज होने के अलावा भारतीय टीम के कप्तान भी हैं। वहीं इशांत शर्मा टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के अहम गेंदबाज हैं। दिल्ली के सेलेक्टर्स ने क्लब और स्कूल लेवल के टूर्नामेंट में उनके किए गए प्रदर्शन को नजरअंदाज कर दिया था। 

अतुल ने कहा कि जब विराट 11 वर्ष के थे तब वो मेरे क्रिकेट अकादमी में आए थे। मैंने जूनियर स्तर पर एक क्रिकेटर के तौर पर उन्हें निखरते देखा है। मैं ही वो व्यक्ति था जिसने विराट और इशांत को दिल्ली टीम में चुना था ताकि वो इस टीम की तरफ से खेल सकें। दिल्ली टीम मैनेजमेंट उन्हें इस टीम में चुनने को तैयार नहीं थी क्योंकि वो इंडिया अंडर 19 में खेल रहे थे। मैंने उन दोनों के लिए टीम मैनेजमेंट से लड़ाई की और दोनों ने एक साथ ही रणजी ट्रॉफी के मैच में दिल्ली के लिए डेब्यू किया और इसके बाद क्या हुआ ये इतिहास है। 

अतुल वासन ने कहा कि विराट के कोच राजकुमार शर्मा मेरे काफी अच्छे दोस्त हैं। सच्चाई ये है कि हमने क्रिकेट अकादमी की शुरुआत एक साथ ही की थी। इस वजह से हम दोनों विराट की तकनीकी कमी के बारे में उसे बताते थे और वो हमारी बात सुनता था। इसके बाद उसके खेल में और कमाल का निखार आ गया। कुछ लोग सोचते थे कि वो मैदान पर जरूरत से ज्यादा आक्रामक है। लेकिन सच तो ये है कि अपनी योग्यता को लेकर उसमें प्राकृतिक तौर पर काफी आत्मविश्वास है। उसके पास हर चीज को मैनेज करने की क्षमता है और वो हर मैच को जीतना चाहता है। 

इंग्लैंड दौरे पर विराट कोहली और इशांत शर्मा ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में विराट ने सबसे ज्यादा 593 रन बनाए जबकि इशांत शर्मा ने पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 18 विकेट लिए। अतुल ने कहा कि मैंने इशांत को मैसेज भेजा कि मैंने अब तक उनकी जितनी भी गेंदबाजी देखी है ये उन सबमें सबसे बेस्ट था। पिछले वर्ष मैं दिल्ली सेलेक्शन कमेटी का चेयरमैन था और वो हमारे लिए उपलब्ध था। इशांत के बारे में आगे अतुल ने कहा कि इन दिनों वो सिर्फ टेस्ट मैच खेल रहे हैं। इस वर्ष वो आइपीएल में नहीं चुने गए जो उनके लिए काफी बड़ा झटका था। इशांत ने इसे चुनौती के तौर पर लिया और आप देख सकते हैं कि वो किस तरह से गेंदबाजी कर रहे हैं। सबको पता है कि आप भारत के लिए 80 से 85 टेस्ट तभी खेल सकते हो जब आप एक बेहतरीन गेंदबाज हो। 

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Posted By: Sanjay Savern