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दिल्ली के इस इलाके में पिछले 5 साल से चल रहा था अवैध धंधा, नहीं लगी किसी को भनक; 6 महिलाओं समेत 7 गिरफ्तार

By Praveen KaushikEdited By: Sonu Suman
Published: Sat, 20 Dec 2025 04:29 PM (IST)

फरीदाबाद पुलिस ने दिल्ली के मोती नगर में एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में संचालक ...और पढ़ें

बल्लभगढ़ पुलिस ने दिल्ली के मोती नगर इलाके से एक फर्जी कॉल सेंटर का किया भंडाफोड़।

बल्लभगढ़ पुलिस ने दिल्ली के मोती नगर इलाके से एक फर्जी कॉल सेंटर का किया भंडाफोड़।

HighLights

  1. दिल्ली के मोती नगर में फर्जी कॉल सेंटर पर छापा

  2. क्रेडिट कार्ड सर्विस के नाम पर ठगी

  3. संचालक समेत छह महिलाएं गिरफ्तार

प्रवीन कौशिक, फरीदाबाद। साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने दिल्ली के मोती नगर में फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी की। यहां संचालक सहित काम कर रही छह महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों से 12 सिम व 3 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। आरोपित क्रेडिट कार्ड पर अनिवार्य सर्विस न लेने पर पैसे कटने का डर दिखाकर ठगी करते थे।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि बल्लभगढ़ के सोतई गांव में रहने वाले एक व्यक्ति ने साइबर थाना बल्लभगढ़ में दी अपनी शिकायत में बताया था कि उसके पास एक अनजान नंबर से कॉल आया था। जिसने अपने आपको एसबीआई क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट से बताया और कहा कि सरकार की तरफ से एक अनिवार्य क्रेडिट कार्ड सर्विस आई है, जो उसे लेनी पडेगी, नहीं तो उसके क्रेडिट कार्ड से पैसे कट जाएंगे। ठगों ने उसके पास एक लिंक भेजा जिस पर शिकायतकर्ता ने 20 हजार रुपये डाल दिए।

 इस संबंध में साइबर थाना बल्लभगढ़ में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। इस मामले में साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने अनूप डडवाल, योगेश्वरी, विजया, साहिन, शशी, आशा व मीनाक्षी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। अनूप संचालक है और वह मेरठ में रहता है। बाकी सभी महिलाएं दिल्ली में अलग-अलग जगह की रहने वाली हैं। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपित अनूप डडवाल ने दिल्ली के मोती नगर में 2021 से एक किराए के फ्लैट में फर्जी काल सेंटर खोल रखा था।

वह 2014 से कॉल सेंटर चला रहा था। इससे पहले कहीं और कॉल सेंटर चलाता था। सप्ताह में दो दिन के लिए दिल्ली में आता था और हिसाब-किताब कर वापस चला जााता था। यहां कॉल सेंटर में काम करने वाली महिलाओं की लीडर योगेश्वरी थी। विजया नाम की महिला एचआर देख्ती और नई महिलाओं को ट्रेनिंग देती थी। बाकी चारों महिलाएं कॉलर का काम करती थीं। सभी कॉलर करने वाली महिलाओं को 20 हजार रुपये महीना व इंसेंटिव दिया जाता था।

प्रतिदिन ग्राहक फंसाने ही होते थे। यदि इससे ज्यादा फंसा लेती थी तो अलग से कमीशन भी दिया जाताा था। अनूप बीकॉम, योगेश्वरी बीकॉम व विजया, साहिन, शशी, आशा, मीनाक्षी बीए पास हैं। बरामद सिम से ठगी के कई मामलों का भी पता चला है। एक मामला एनआईटी थाने में व दूसरा लखनऊ में दर्ज है। अनूप डडवाल व योगेश्वरी को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, वहीं अन्य को जेल भेजा गया है।