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बस्तर में चर्च निर्माण पर ग्राम सभा ने लगाई रोक, जमीन नहीं देने का किया फैसला

Published: Sun, 04 Oct 2026 11:47 PM (IST)

सुकमा जिले के पुनपल्ली में ग्राम सभा ने चर्च निर्माण, प्रार्थना सभा और मतांतरित व्यक्तियों के शव दफनाने पर रोक लगाई है।

ग्राम सभा में चर्च निर्माण संबंधी निर्णय लेते सदस्य। - ग्रामीण

ग्राम सभा में चर्च निर्माण संबंधी निर्णय लेते सदस्य। - ग्रामीण

HighLights

  1. सुकमा के पुनपल्ली में ग्राम सभा ने चर्च निर्माण पर रोक लगाई

  2. मतांतरित व्यक्तियों के शव दफनाने और पादरियों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध

  3. यह निर्णय जनजातीय परंपरा और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण हेतु लिया गया

डिजिटल डेस्क, सुकमा। मतांतरण के बढ़ते प्रभाव से अपनी परंपरा और सांस्कृतिक पहचान को लेकर जनजातीय समाज की चिंता अब छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग की ग्राम सभाओं के निर्णयों में दिखाई देने लगी है।

सुकमा जिले के पोलमपल्ली क्षेत्र के पुनपल्ली में दो अक्टूबर को हुई ग्राम सभा ने चर्च निर्माण, प्रार्थना सभा और मतांतरित व्यक्तियों के शव दफनाने के लिए ग्राम सभा की जमीन नहीं देने का निर्णय किया है।

ग्राम सभा ने चर्च निर्माण पर रोक लगाई

ग्राम पंचायत के सूचना पटल पर पादरी और ईसाई धर्म प्रचारकों के गांव में प्रवेश पर भी रोक का उल्लेख किया गया है।ग्राम सभा ने इस निर्णय के लिए संविधान के अनुच्छेद 244(1), पांचवीं अनुसूची, पेसा अधिनियम-1996 और छत्तीसगढ़ पेसा कानून-2022 का हवाला दिया है।

ग्राम सभा का कहना है कि निर्णय गांव की पारंपरिक व्यवस्था, सांस्कृतिक पहचान, रीति-रिवाज और सामाजिक विरासत के संरक्षण के लिए लिया गया है। जनपद सदस्य मड़कम भीमा के अनुसार, ग्राम सभा ने सामाजिक एकता और सामुदायिक हित को ध्यान में रखकर फैसला किया है।

बस्तर में परंपरा बचाने उठती रही है आवाज

फरवरी 2024 में बस्तर के छिंदवाड़ा में ग्राम सभा ने मतांतरितों के गांव में अंतिम संस्कार पर रोक का प्रस्ताव किया।

जनवरी 2025 में एक ईसाई परिवार को अपने पिता का अंतिम संस्कार गांव से बाहर करना पड़ा।

2025 में बस्तर और कांकेर के कुछ गांवों में पादरियों के प्रवेश पर रोक संबंधी बोर्ड लगाए जाने का मामला भी हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।

फरवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने मामले में हस्तक्षेप से इन्कार करते हुए संबंधित पक्षों को वैधानिक प्राधिकारी के समक्ष जाने की छूट दी थी।

जून 2026 में कांकेर जिले के 26 ग्राम सभाओं की संयुक्त बैठक में चर्च, प्रार्थना सभा और पादरियों के प्रवेश पर रोक का प्रस्ताव पारित होने की रिपोर्ट सामने आई।