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स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ दौरे से पहले BJP नेताओं को सख्त हिदायत, पर्सनल ब्रांडिंग नहीं; सरकारी योजनाओं का करें प्रचार

Published: Tue, 20 Oct 2026 09:47 PM (IST)

छत्तीसगढ़ भाजपा प्रभारी स्मृति ईरानी के रायपुर दौरे से पहले नेताओं को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे सोशल ...और पढ़ें

स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ दौरे से पहले BJP नेताओं को सख्त हिदायत।

स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ दौरे से पहले BJP नेताओं को सख्त हिदायत।

HighLights

  1. स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ दौरे से पहले निर्देश जारी।

  2. नेताओं को व्यक्तिगत प्रचार के बजाय योजना प्रचार पर जोर।

  3. आईटी सेल सोशल मीडिया गतिविधियों पर रखेगी पैनी नजर।

राज्य ब्यूरो, रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा की प्रभारी स्मृति ईरानी के आगामी रायपुर दौरे से पहले पार्टी नेताओं के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी है कि वे सोशल मीडिया पर अपने व्यक्तिगत प्रचार के बजाय केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करें।

सूत्रों के अनुसार, पार्टी की आईटी सेल सभी वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर पैनी नजर रखेगी। नेताओं के हैंडल से पोस्ट की गई सामग्री और उनकी सक्रियता के आधार पर एक ''स्पेशल रिपोर्ट'' या ''रिपोर्ट कार्ड'' तैयार किया जाएगा। इसे आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों यानी ''मिशन 2028-29'' की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

इसी क्रम में नवनियुक्त प्रदेश भााजपा प्रभारी स्मृति ईरानी 25 और 26 अक्टूबर को अपने दो दिवसीय दौरे पर रायपुर आ रही हैं। प्रदेश प्रभारी बनने के बाद यह उनका पहला छत्तीसगढ़ दौरा होगा, जिसके राजनीतिक मायने बेहद खास माने जा रहे हैं। पहली ही बैठक में वह मिशन विधानसभा-लोकसभा चुनाव के लिए रणनीति बना सकती हैं।

स्मृति ईरानी ने रायपुर आने से पूर्व ही संगठन पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह संदेश साफ कर दिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य व्यक्तिगत ब्रांडिंग की जगह सरकारी योजनाओं और पार्टी की नीतियों का सोशल मीडिया पर व्यापक प्रचार सुनिश्चित करना है।

सांसद-विधायकों से वन-टू-वन चर्चा

दौरे के दौरान स्मृति ईरानी पूर्व सांसदों और विधायकों से वन-टू-वन चर्चा कर उनके कामकाज का रिपोर्ट कार्ड लेंगी। संगठनात्मक सूत्रों के मुताबिक, इस समीक्षा के बाद प्रदेश के 60 से अधिक पूर्व सांसदों व विधायकों को आगामी रणनीतियों के तहत नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। इसका लक्ष्य आगामी विधानसभा-लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत करना है।

दूसरी ओर, स्थानीय निकाय चुनावों की कमान संगठन महामंत्री कर्मवीर ने संभाल रखी है, जो कार्यकर्ताओं से सीधा फीडबैक ले रहे हैं।

राजनीतिक हलचल और कांग्रेस के निशाने पर दौरा

इस हाई-प्रोफाइल दौरे को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। विपक्षी दल कांग्रेस ने इस पर सवाल उठाते हुए महंगाई जैसे मुद्दों पर पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की चुप्पी पर निशाना साधा है।

हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले महीने छत्तीसगढ़ और हरियाणा का प्रभार मिलने के बाद यह दौरा राज्य में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को धार देने और बूथ स्तर तक कसावट लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। राष्ट्रीय स्तर पर हुए सांगठनिक फेरबदल के तहत भाजपा अपने सियासी समीकरणों को मजबूत करने में जुटी है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जो नेत्री स्वयं चूकी हुई हों, वे क्या रणनीति बनाएंगी। वहीं भाजपा के प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने कहा कि प्रदेश प्रभारी के आगमन को लेकर भाजपा के कार्यकर्ताओं में उत्साह है। निश्चित रूप से पार्टी प्रतिदिन अपने लक्ष्यों को लेकर काम करती है।