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रायपुर: अनुशासन के नाम पर छात्र के काटे थे बाल, साल भर बाद भी गहरे सदमे में बच्चा; प्राचार्य पर FIR

Published: Sat, 24 Oct 2026 10:47 PM (GMT+05:30)

रायपुर के एकेडमिक हाइट्स पब्लिक स्कूल में चौथी कक्षा के छात्र के बाल अनुशासन के नाम पर काटे गए, जिससे वह एक साल बाद भी गहरे सदमे में है।

रायपुर स्कूल में छात्र के बाल काटने का मामला (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)

रायपुर स्कूल में छात्र के बाल काटने का मामला (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)

HighLights

  1. रायपुर स्कूल में अनुशासन के नाम पर छात्र के बाल काटे गए।

  2. बाल कटने से बच्चा एक साल बाद भी गहरे सदमे में है।

  3. मामले की जांच के बाद प्राचार्य पर एफआईआर दर्ज हुई।

डिजिटल डेस्क, रायपुर। रायपुर के पटेवा स्थित एकेडमिक हाइट्स पब्लिक स्कूल में चौथी कक्षा के छात्र के साथ दुर्व्यवहार के मामले में स्वजन ने उसके व्यवहार में बदलाव बताया है। स्वजन का आरोप है कि अनुशासन के नाम पर स्कूल में उसके लंबे बालों की चोटी बनाकर कैंची से काट दी गई।

घटना के एक साल बाद भी बच्चे पर इसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव बना हुआ है और वह छोटी-छोटी बातों पर सहम जाता है।

स्वजन के अनुसार, वह स्कूल जाने की बात पर डरने लगा है, रात में अचानक नींद से उठ जाता है और खाना भी नियमित नहीं खाता। शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर प्राचार्य पल्लवी मरार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

शिकायतकर्ता के अनुसार, उनका बेटा घटना के समय चौथी कक्षा में था। 15 अक्टूबर 2025 को स्कूल में उसके बालों की चोटी बनाकर काटी गई। स्वजन के मुताबिक, इसके बाद वह स्कूल जाने से कतराने लगा और घर में स्कूल की बात पर सहम जाता था। इसके बाद स्कूल में उसकी उपस्थिति अनियमित रही।

स्वजन ने अप्रैल 2026 में उसका दाखिला दूसरे स्कूल में करा दिया। जांच के दौरान धन्वंतरी अस्पताल, रायपुर की पांच जून 2026 की चिकित्सकीय रिपोर्ट की पड़ताल की गई। इसमें नींद की परेशानी, चिड़चिड़ापन और स्कूल जाने से डरने का उल्लेख है।

शिकायत में गणित के शिक्षक अजय कुमार देवांगन पर गृहकार्य अधूरा होने पर छात्र का कान मरोड़ने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, शिक्षक ने जांच में शारीरिक दंड देने से इन्कार किया।

जांच के बाद प्राचार्य पर एफआईआर

शिक्षा विभाग की दो प्राचार्यों वाली समिति ने 31 जुलाई 2026 को स्कूल का निरीक्षण कर छात्र, माता-पिता, प्राचार्य और संबंधित शिक्षकों के बयान दर्ज किए। प्राचार्य ने बच्चों के बाल व्यवस्थित कराने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की।